अगर कांग्रेस हर व्यक्ति को रोजी-रोटी देती तो बहुजन समाज पार्टी नहीं बनानी पड़ती – मायावती

लखनऊ, हरदोई के बालामऊ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भीरी घाट में मंगलवार को आयोजित जनसभा में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि अगर कांग्रेस हर व्यक्ति को रोजी-रोटी देती तो बहुजन समाज पार्टी नहीं बनानी पड़ती। कांग्रेस को गलत कार्यप्रणाली के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा और अब भाजपा भी गलत नीतियों के कारण सत्ता से बाहर हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि छोटे और बड़े चौकीदार सत्ता नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने हरदोई से गठबंधन प्रत्याशी सपा की ऊषा वर्मा और मिश्रिख से बसपा की नीलू सत्यार्थी को जिताने की अपील की। मायावती ने कहा कि इस चुनाव में गठबंधन को कामयाब करना है। कांग्रेस के लंबे कार्यकाल में गरीबी, बेरोजगारी जैसी समस्याओं को दूर नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि हरदोई पिछड़ा जिला है।

उन्होंने कहा कि यहां भी लोगों को रोजी-रोटी के लिए पलायन करना पड़ा। भाजपा सत्ता में आई तो अच्छे दिन आने, राम मंदिर बनाने की बात हुई, लेकिन कुछ न हुआ। जातिवादी नीतियों के कारण भाजपा सत्ता से बाहर होगी। चौकीदार की नई नाटकबाजी काम नहीं आएगी। प्रधानमंत्री ने ज्यादातर पूंजीपति और धन्ना सेठों को बचाने का काम किया है और इनकी ही चौकीदारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अन्ना मवेशियों के कारण किसान परेशान हैं। नोटबंदी और जीएसटी से गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। रक्षा सौदे भी भ्रष्टाचार से अछूते नहीं हैं। राजनीतिक लाभ के लिए भाजपा ने सीबीआई और ईडी को भी लगाया है। घोषणापत्रों को उन्होंने जुमला बताया।

उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में हमने सरकार बनाई तो सर्वसमाज के हितों का ध्यान रखा। इस दौरान बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, मायावती के भतीजे आकाश आनंद, पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान, पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू, सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली मौजूद रहे।

हरदोई सीट से गठबंधन प्रत्याशी ऊषा वर्मा और मिश्रिख से प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी ने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से आशीर्वाद लिया। बसपा जिलाध्यक्ष मेवाराम वर्मा, पिछले चुनाव में गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहीं मीना वर्मा ने भी मायावती के पैर छूए।

जनसभा में सपा का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप ने किया। मायावती के मंच पर पहुंचने पर राजपाल कश्यप ने उन्हें स्मृति चिह्न के रूप में चांदी का हाथी भेंट किया।

मिश्रिख से बसपा प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर बालामऊ सीट से चुनाव लड़ी थीं। वह भाजपा प्रत्याशी रामपाल वर्मा से हार गईं थीं। मायावती ने मंगलवार को जनसभा में कहा कि विधानसभा चुनाव में नीलू नहीं जीतीं क्योंकि तब मशीनों में गड़बड़ी थी और इसके कारण यूपी में बीएसपी को भारी नुकसान हुआ था।

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