अगर सीआरपीएफ के जवान ना होते तो मेरा बचके निकलना मुश्किल था – अमित शाह

नई दिल्ली, अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हिंसा करने का आरोप लगाया है। मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है। मगर कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा TMC कर रही है। बंगाल में लोकतंत्र का गला घोटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अब तक चुनाव के 6 चरण समाप्त हो चुके हैं, इन 6 के 6 चरणों में सिवाय बंगाल के कहीं भी हिंसा नहीं हुई। शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर सीआरपीएफ के जवान ना होते तो उनका बचके निकलना मुश्किल था।

अमित शाह ने कहा कि हार से घबराकर हिंसा करवा रही हैं ममता बनर्जी। उन्होंने कहा कि ईश्वरचंद विद्यासगर की मूर्ति बीजेपी ने नहीं तोड़ी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती क्यों नहीं कर रहा है औ ममता की धमकी पर चुनाव आयोग ने एक्शन क्यों नहीं लिया। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, बंगाल में एक भी हिस्ट्रीशीटर को नहीं पकड़ा गया।

उन्होंने कहा कि रोड शो से पहले ही वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए गए। रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा, 2.30 घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला। 3 बार हमले किये गए और तीसरे हमले में तोड़फोड़, आगजनी और बोतल में केरोसिन डालकर हमला किया गया।

उन्होंने कहा कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी के अंदर से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। पुलिस ने कोई जांच नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गयी। जहां ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतीमा रखी है वो जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, सब लॉक हो चुका था, फिर किसने कमरे खोले। ताला भी नहीं टूटा है, फिर चाबी किसके पास थी। कॉलेज में टीएमसी का कब्जा है।

अमित शाह ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति के लिए महान शिक्षाशास्त्री की प्रतिमा का तोड़ने का मतलब है कि टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना है। चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

इससे पहले अमित शाह के मंगलवार को कोलकाता में हुए विशाल रोड शो के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। हालांकि, शाह को किसी तरह की चोट नहीं आई और पुलिस उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी जब विद्यासागर कॉलेज के भीतर से टीएमसी के कथित समर्थकों ने शाह के काफिले पर पथराव किया जिससे दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच झड़प हुई।

गुस्साए भाजपा समर्थकों ने भी उसी तरह प्रतिक्रिया दी और कॉलेज के प्रवेशद्वार के बाहर टीएमसी प्रतिद्वंद्वियों के साथ मारपीट करते नजर आए। बाहर खड़ी कई मोटरसाइकलों को आग के हवाले कर दिया गया। ईश्वर चंद्र विद्यासागर की आवक्ष प्रतिमा भी झड़प के दौरान तोड़ दी गई। पुलिसकर्मी पानी भरी बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश करते देखे गए।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर मंगलवार को तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह क्या भगवान हैं जो उनके खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता। बनर्जी ने आज कोलकाता में शाह के रोडशो के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पों के बाद यह बात कही। इस दौरान ईश्वरचंद विद्यासागर कॉलेज में तोड़फोड़ और 19वीं सदी के समाज सुधारक विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने के आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगे हैं।

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