ऑटो सेक्टर में आई मंदी के लिए वित्त मंत्री ने ओला और उबर को जिम्मेदार ठहराया

नई दिल्ली, ऑटो सेक्टर में 20 साल की सबसे बड़ी मंदी आई हुई है। अगस्त में लगातार दसवें महीने अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री कम हुई है। वाहन निर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में यात्री वाहनों की बिक्री एक साल पहले इसी माह की तुलना में 31.57 प्रतिशत घटकर 1,96,524 वाहन रह गई। ऑटो सेक्टर में आई मंदी के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओला और उबर को जिम्मेदार ठहराया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ऑटो सेक्टर बीएस6 की और लोगों की सोच की वजह से ज्यादा प्रभावित है। अब लोग ओला उबर गाड़ी खरीदने की तुलना में ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

भारतीय आटोमोबाइल विनिर्माता सोसायटी (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2019 में घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 41.09 प्रतिशत घटकर 1,15,957 कार रह गई जबकि एक साल पहले अगस्त में 1,96,847 कारें बिकी थी। एक साल पहले अगस्त में 2,87,198 वाहनों की बिक्री हुई थी।

इस दौरान दुपहिया वाहनों की बिक्री 22.24 प्रतिशत घटकर 15,14,196 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में देश में 19,47,304 दुपहिया वाहनों की बिक्री की गई। इसमें मोटरसाइकिलों की बिक्री 22.33 प्रतिशत घटकर 9,37,486 मोटरसाइकिल रह गई जबकि एक साल पहले इसी माह में 12,07,005 मोटरसाइकिलें बिकी थीं।

बीते हफ्ते परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटो कंपनियों को भरोसा दिया था कि पेट्रोल और डीजल व्हीकल को बैन करने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा था कि ऑटो सेक्टर में स्लोडाउन वैश्विक आर्थिक कारणों से है। उन्होंने कहा था वित्त मंत्री जल्द इसको इसको सुलझाएंगी।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते हफ्ते अपने गुरुग्राम और मानेसर प्लांट को दो दिन के लिए बंद रखा था। ऐसा मारुति ने पहली बार किया। वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टक के स्लाउन से निपटने के लिए कई कदम उठाए थे।

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