कर्नाटक कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक मुंबई से बेंगलुरू पहुंचे

बेंगलुरु, कर्नाटक कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायक मुंबई से बेंगलुरू पहुंचे चुके हैं। अब वे कुछ ही देर में विधान सौधा में स्पीकर से मुलाकात करने के लिए उनके दफ्तर पहुंच रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठंधन वाली सरकार रहेगा या नहीं अब से कुछ ही घंटों बाद तस्वीर साफ हो सकती है। क्योंकि इन विधायकों के इस्तीफे मंजूर होने से मौजूदा सरकार के पास सरकार बचाने के लिए जरूरी पर्याप्त संख्या नहीं होगी।

पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है ताकि वह स्पीकर से मिल सके। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि वह स्पीकर से शाम छह बजे तक मिलकर उन्हें फिर इस्तीफा दे सकते हैं।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली एक पीठ ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष से कहा कि वह इन विधायकों के इस्तीफे के बारे में आज ही निर्णय लें। पीठ ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा लिये गये फैसले से शुक्रवार को अवगत कराया जाये जब न्यायालय इस मामले में आगे विचार करेगा।

कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों ने गुरुवार को कहा कि वे उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष को नये सिरे से अपना इस्तीफा सौंपेंगे। विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि वे अब भी कांग्रेस में हैं और सिर्फ विधानसभा की सदस्यता से उन्होंने इस्तीफा दिया है। विधायकों ने पूरे प्रकरण में भाजपा की भूमिका से इंकार किया।

विधायकों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार हम बेंगलुरू पहुंचेंगे और माननीय विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे। बंगलुरू में केआर पुरम से कांग्रेस विधायक बीए बसवराज ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि चूंकि उच्चतम न्यायालय ने हमें नये सिरे से त्यागपत्र सौंपने का निर्देश दिया है, इसलिये हम वहां जा रहे हैं। (हमारे फैसले में) कोई बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि इन इस्तीफों के पीछे भगवा पार्टी का हाथ है और भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार उनकी मदद कर रही है। इन विधायकों के इस्तीफे से कर्नाटक में कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

बसवराज ने कहा कि आरोप लगाए गए हैं कि महाराष्ट्र की भाजपा सरकार हमारे साथ है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि न तो भाजपा और न ही कोई अन्य सरकार हमारे साथ है। उन्होंने कहा कि लेकिन हमने सरकार से सुरक्षा मांगी है, जो उन्होंने प्रदान की है। इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।

यशवंतपुर से कांग्रेस विधायक एसटी सोमशेखर ने भी बंगलुरू में इसी तरह की राय जाहिर की। विधायक ने संवाददाताओं से कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने लिखित में हमें दिया है कि यह (इस्तीफा) सही प्रारूप में नहीं है। इसलिये, हम शाम छह बजे से पहले उचित प्रारूप में अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

सोमशेखर ने भी जोर देकर कहा कि वह कांग्रेस में ही हैं और सिर्फ विधानसभा की सदस्यता से उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अब भी कांग्रेस में हूं—निजी कारणों से हमने इस्तीफा सौंपा है। हम किसी अन्य राजनैतिक दल में नहीं गए हैं।

शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए सोमशेखर ने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष से मिलेंगे और शाम छह बजे से पहले नए सिरे से इस्तीफा सौंपेंगे।

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