कानपुर के नर्सिंग होम के डॉक्टर और उनके कर्मचारियों की कार खड़े ट्रक में घुसी, डॉक्टर की मौत

लखनऊ, नैनीताल घूमने जा रहे कानपुर के नर्सिंग होम के डॉक्टर और उनके कर्मचारियों की कार फरीदपुर बाईपास पर खड़े ट्रक में घुस गई। कार में आगे की सीट पर बैठे नर्सिंग होम के डॉक्टर की मौके पर मौत हो गई। जबकि कार में बैठे उनके अन्य पांच कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने ट्रक से कार निकालकर घायलों को अस्पताल भेजा। नर्सिंग होम के डॉक्टर का शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है।

कानपुर के उत्तरीपुरा के डॉक्टर सत्यदेव कुशवाहा (40) का गल्ला मंडी में एसडी नर्सिंग होम एंड सर्जिकल सेंटर के नाम से अस्पताल है।

पुलिस के मुताबिक मुताबिक़ एसडी नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. सत्यदेव कुशवाहा मोहर्रम के दिन अस्पताल की छुट्टी होने की वजह से अपने अस्पताल के कर्मचारी गजेंद्र, राहुल, बृजेश, सोनू और देवेश के साथ मूवी देखने के लिए कार से निकले थे। इसी दौरान कर्मचारियों ने नैनीताल घूमने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद डॉ. सत्यदेव कुशवाह कर्मचारियों के साथ नैनीताल घूमने के लिए निकल पड़े।

कानपुर से रात भर चलने के बाद बुधवार को सुबह छह बजे उनकी कार फरीदपुर के भूरे खां गोटिया के सामने बाईपास पर पहुंची। अनियंत्रित होकर कार बाईपास पर खड़े ट्रक में घुस गई। कार के आगे का हिस्सा पूरी तरह से उड़ गया। हादसे को देखकर बस्ती के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं निकाले जा सके। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ट्रक में घुसी कार को निकालकर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान कार की आगे की सीट पर बैठे एसडी नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. सतीश कुशवाह की मौके पर मौत हो गई। जबकि उनके कर्मचारी गजेंद्र, राहुल, बृजेश, सोनू और देवेश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कार सवार पांचों घायलों को बरेली के निजी अस्पताल भेजा। बृजेश और देवेश की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। देवेश के डॉक्टर सत्यदेव मामा थे। वह उनके नर्सिंग होम में काम करता है। पुलिस ने नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉक्टर सत्यदेव कुशवाह का शव पोस्टमार्टम को भेजा है।

रुद्रपुर की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में चल रहा ट्रक वहीं से बाइक भर कर लाया था। पुलिस ने बताया की ट्रक को फरीदपुर के भूरे खां गोटिया का ड्राइवर चलाता है। वह ड्राइवर मोहर्रम का त्यौहार मनाने के लिए घर आ गया। उसने बाईपास किनारे ट्रक खड़ा कर दिया। ट्रक 3 दिन से खड़ा था। उसी में कानपुर के नर्सिंग होम के डॉक्टर की कार घुस गई।

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