कार्तिकेय गुप्ता चंद्रेश ने जेईई एडवांस में किया टॉप

नई दिल्ली, आईआईटी रुड़की ने शुक्रवार को जेईई एडवांस 2019 का रिजल्ट जारी कर दिया। देश की 23 आईआईटी में एंट्री दिलाने वाली इस परीक्षा में महाराष्ट्र के चंद्रपुर के रहने वाले कार्तिकेय गुप्ता चंद्रेश ने टॉप किया है। कार्तिकेय ने JEE Main 2019 में 100 NTA स्कोर प्राप्त किया था। JEE Mains exam में उनकी रैंक 18 थी। परीक्षा में भाग लेने वाले परीक्षार्थी जेईई की वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

कार्तिकेय ने बताया कि वह हमेशा अपने डाउट क्लियर करने पर जोर देते रहे। जब तक सारे डाउट क्लियर नहीं होते थे, उन्हें नींद नहीं आती थी। वह हमेशा रिलेक्स माइंड से पढ़े।

कार्तिकेय ने कहा, ‘भरोसा था की मुझे आईआईटी मुंबई में सीएस ब्रांच मिल जाएगी लेकिन टॉप करने की नहीं सोची थी। मैं रेगुलर क्लासेस के अलावा रोजाना 6-7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। मैंने लगातार वीकली टेस्ट दिए। इससे मुझे मेरी तैयारी का स्टेट पता लगता रहा।’

उन्होंने कहा, ‘स्टूडेंट्स को बिना किसी तनाव और दबाव के पढ़ाई करनी चाहिए। सेल्फ कंपीटीशन लक्ष्य तक पहुंचने में अहम भूमिका अदा करता है। तैयारी के दौरान मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से रिलेक्स रहना जरूरी है। लंबे समय तक लगातार नहीं पढ़ना चाहिए। दो-दो घंटे की पढ़ाई के बाद ब्रेक लेने चाहिए।

अपनी सफलता से खुश कार्तिकेय कहते हैं कि रिजल्ट अच्छा आएगा, इस बात का यकीन था। लेकिन, टॉप करुंगा इसकी उम्मीद नहीं थी। कार्तिकेय अपनी सफलता का श्रेय शांत दिमाग से की गई तैयारी को देते हैं। उन्होंने बताया कि रेगुलर क्लास के अलावा 6 से 7 घंटे का शेड्यूल बनाकर सेल्फ स्टडी करते थे।

कार्तिकेय कहते हैं कि जेईई की तैयारी का सबसे बड़ा फॉर्मूला यह है कि दिमाग में डाउट्स मत रखिए। क्योंकि, अगर आपने डाउट्स क्लीयर नहीं किए तो वह आगे और समस्या बढ़ाएंगे। इसलिए, हर सब्जेक्ट का डाउट्स क्लीयर करने के बाद ही मैं रात को सोता था।

कार्तिकेय अपनी सक्सेस का मंत्र शांत दिमाग से की गई तैयारी को देते हैं। वह कहते हैं- मैं स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शांत दिमाग रखकर तैयारी करें। क्योंकि, आपका मुकाबला खुद से है। पढ़ाई को एंजॉय करें। जो भी विषय पढ़े, उसे मन से पढ़ें। एग्जाम की तैयारी को लेकर बिल्कुल पैनिक मत होइए।

कार्तिकेय ने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी। वह कहते हैं कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल में वक्त बर्बाद न हो, इसलिए मैं कीपैड वाला फोन इस्तेमाल करता था। क्योंकि, स्मार्ट फोन दिन के कई घंटे बर्बाद कर देता है और आपको इसका पता ही नहीं चलता है।

महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को कार्तिकेय अपना आदर्श मानते हैं। वह कहते हैं कि बेहद कम संसाधनों व सुविधाओं में गणित विषय के लिए उनका योगदान शानदार था। आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से इंजीनियरिंग कार्तिकेय का सपना था, जो अब पूरा होने जा रहा है।

कार्तिकेय के पिता चन्द्रेश गुप्ता पेपर इण्डस्ट्री में जनरल मैनेजर और मां पूनम गुप्ता गृहिणी है। बड़ा भाई भारतीय विद्या भवन सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई से सीएस ब्रांच से इंजीनियरिंग कर रहे हैं।

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