क्लैट परीक्षा में गड़बडि़यों की शिकायतें दो सदस्यीय कमेटी सुनेगी

नई दिल्ली, कानून की पढ़ाई में प्रवेश की क्लैट आनलाइन परीक्षा में गड़बडि़यों की शिकायतें सुनने और उनके निवारण के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों से कहा है कि वे 27 मई को शाम सात बजे तक कमेटी को परीक्षा में गड़बड़ी की आनलाइन शिकायत कर सकते हैं।

कमेटी शिकायतों की जांच करने के बाद सुझाव के साथ 30 मई को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट मामले पर 30 मई को फिर सुनवाई करेगा तब तक विभिन्न हाईकोर्ट में क्लैट परीक्षा से संबंधित लंबित याचिकाओं की सुनवाई पर रोक लगी रहेगी।

ये आदेश न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर व न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा की पीठ ने गत 13 मई को हुई आन लाइन क्लैट परीक्षा में गड़बडि़यों की शिकायतों से संबंधित याचिका पर सुनवाई के बाद दिये।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि नेशनल यूनीवर्सिटी आफ एडवांस लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस) ने एक केरल हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एमआर हरिहरन और कोचीन यूनीवर्सिटी साइंस एंड टेक्नालाजी के प्रोफेसर डाक्टर संतोष कुमार की दो सदस्यीय कमेटी गठित की है ये कमेटी छात्रों की शिकायतें सुनेगी।

कोर्ट ने सेवानिवृत न्यायाधीश को कमेटी का अध्यक्ष घोषित करते हुए कहा कि कमेटी इस बारे मे आयी प्रत्येक शिकायत और ज्ञापन पर विचार करेंगे। इसके अलावा छात्र रविवार 27 मई को शाम 7 बजे तक कमेटी को आनलाइन शिकायत भेज सकते हैं। कमेटी 29 मई तक शिकायतों की जांच कर लेगी और 30 मई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी।

कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर क्लैट की आनलाइन परीक्षा में तकनीकी गड़बडि़यों का आरोप लगाते हुए गत 13 मई को हुई क्लैट परीक्षा रद करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि कई जगह स्क्रीन पर प्रश्नपत्र नहीं दिखा तो कई मामलों में छात्रों के परीक्षा देने के लिए अलग अलग समय दिया गया। ऐसी और भी कई तकनीकी खामियां गिनाते हुए परीक्षा रद करने की मांग की गई है। इसके अलावा कुछ उच्च न्यायालयों में भी ऐसी याचिकाएं लंबित हैं हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की सुनवाई पर फिलहाल रोक लगा रखी है।

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