जब तक ग्रामीणों का विकास नहीं होगा, तब तक न देश का विकास होगा और न राज्य का

खूंटी, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने शनिवार को डीजल आधारित सिंचाई परियोजना व सौर संचालित उद्धव सिंचाई परियोजना में संयुक्तिकरण का लोकार्पण खूंटी प्रखंड के सरीदकेल गांव में किया। यह एक लाभकारी परियोजना है। जहां डीजल से सिंचाई करने पर 80 रुपये प्रति घंटा लागत थी, इस परियोजना के चालू होने से 20 रुपये प्रति घंटा मेंटेनेंस सहित लागत आएगी। अगर मेंटेनेंस को हटा दिया जाए तो यह राशि शून्य हो जायेगी। इससे स्थानीय ग्रामीणों को सिंचाई में काफी सहूलियत होगी।

इस मौके पर ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि देश में नरेंद्र मोदी की सरकार और राज्य में रघुवर दास की सरकार का यही उद्देश्य है कि जब तक ग्रामीणों का विकास नहीं होगा, तब तक न देश का विकास होगा और न राज्य का। आज मेरा प्रथम लक्ष्य है कि किसी तरह ग्रामीणों के जो दूरदराज क्षेत्र में बसे हुए हैं, जहां पर आज तक विकास का कोई कार्य नहीं हुआ है, वैसी जगह पर विकास का कार्य किया जाए, ताकि देश की आधी आबादी महिलाओं को रोजगार मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो सके। इसी उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग आज महिला स्वयं सहायता के माध्यम से उन्हें बैंकों से ऋण दिलाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने का कार्य कर रही है। जब से भाजपा की सरकार बनी है तब से पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। उनमें पंचायतों को सीधे राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जहां तक मनरेगा का प्रश्न है, लोग मनरेगा में काम करने से डरते थे क्योंकि समय पर भुगतान नहीं होता था। आज मनरेगा में झारखंड में 95% मजदूरों को समय से भुगतान हो रहा है।

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