जीडीपी को बाइबल, रामायण और महाभारत मान लेना उचित नहीं – निशिकांत दुबे

नई दिल्ली, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि जीडीपी को बाइबल, रामायण और महाभारत मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने कार्पोरेट कर में कटौती से जुड़े संशोधन वाले ‘कराधान विधि (संशोधन) विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की।

निशिकांत दुबे ने कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को उद्धृत करते हुए कहा कि यह दौर सतत आर्थिक विकास का है और इस पैमाने पर मोदी सरकार पूरी सफलता से काम कर रही है।

दुबे ने एक आर्थिक विशेषज्ञ के कथन का हवाला देते हुए कहा कि केवल जीडीपी को बाइबल, रामायण या महाभारत मान लेना सही नहीं है और भविष्य में इसका ज्यादा उपयोग नहीं होगा।

उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में जीडीपी दर 5 प्रतिशत से गिरकर 4.5 प्रतिशत रह गयी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में आम लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। उज्ज्वला और स्वच्छ भारत मिशन तथा 2024 तक हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करना ऐसे काम हैं जो इसे प्रमाणित करते हैं।

दुबे ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य एमएसएमई क्षेत्र को आगे ले जाने का है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने समय में इतने आर्थिक करार किये जिन्हें लेकर सरकार के पास अब कोई विकल्प नहीं है।

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