झारखंड में पलामू के लोइंगा गांव में टीका लगाने के बाद चार बच्चों की मौत

पलामू, झारखंड में पलामू के पाटन प्रखंड के लोइंगा गांव में टीका लगाने के बाद चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर हैं। चार बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक को रिम्स रेफर किया गया है। सभी को शनिवार को डीपीटी, खसरा और जापानी इनसेफलाइटिस का टीका लगाया गया था।

घटना के बाद सिविल सर्जन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम गांव में कैंप कर रही है। वहां वैक्सीन और श्रृंखला गृह को सील कर दिया गया है। मारे गए बच्चों का तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।

शनिवार को नौ बच्चों को टीका लगाया गया था। एएनएम ध्रुपति और द्रौपदी देवी ने टीका लगाया था। 15 गर्भवतियों को भी टीका लगा था। करीब छह घंटे बाद बच्चों को दस्त और उल्टी होने लगी। तेज बुखार हुआ और आंखें पीली पड़ गईं। सुबह तक तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि छह को पहले सीएचसी फिर सदर अस्पताल लाया गया। सदर अस्पताल में एक की मौत हो गई।

बच्चों की मौत से गुस्साये ग्रामीणों ने लोइंगा में सड़क को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही विधायक राधाकृष्ण किशोर भी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने एएनएम को बंधक बना लिया। बाद में गांव पहुंचे अधिकारियों को भी गुस्से का शिकार होना पड़ा।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बच्चों की मौत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जांच का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से मन द्रवित है। जिसकी भी गलती होगी उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की। इसके फौरन बाद उपायुक्त अमित कुमार ने सभी परिवारों को एक-एक लाख रुपए का चेक विधायक के माध्यम से दिया।

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने भी सिविल सर्जन को दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई का आदेश दिया है। सचिव ने डीसी को जांच में सहयोग करने को कहा है। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं से भी विस्तृत जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा गया है। सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य निदेशालय से निदेशक (नियमित टीकाकरण) डॉ अजीत प्रसाद, और महामारी विशेषज्ञ डॉ प्रवीण कर्ण को पलामू भेजा गया है।

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