ट्रेन ड्राइवर व गार्ड भूख हड़ताल पर गये

नई दिल्ली, आल इंडिया रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन के नेतृत्व में ट्रेन ड्राइवर व गार्ड भूखे रहकर रेल सेवाएं देंगे। मंगलवार की सुबह नौ बजे से कर्मचारी भूख हड़ताल पर चले गए, जो मांगे पूरी न होने पर 48 घंटे तक भूखे रहेंगे। रनिंग स्टॉफ रूम की रसोइयों में ताले डाल दिए गए। बरेली जंक्शन, इज्जतनगर, सिटी स्टेशन आदि स्टेशनों पर प्रदर्शन हुए। 19 जुलाई की सुबह तक नौ बजे तक कर्मचारी भूख हड़ताल पर रहेंगे।

इस हड़ताल का नेतृत्व संगठन के मंडल अध्यक्ष जयपान सिंह और जोनल कार्यकारी अध्यक्ष पीसी झा कर रहे हैं। जंक्शन के रनिंग रूम की रसोईया में ठेकेदार को खाना नहीं बनाने दिया गया। कैंटीन पर भी संगठन के पदाधिकारियों ने निगरानी की। रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया। इज्जतनगर रेल मंडल के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से सिटी स्टेशन पर प्रदर्शन हुआ।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि भूखे रहने पर ड्राइवर-गार्ड के साथ कोई अनहोनी हुई तो उसके लिए रेल प्रशासन जिम्मेदार होगा। ऑल इंडिया संगठन की ओर से रेल मंत्रालय को कई बार तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दिए गए।

बोर्ड में बैठक मठाधीशों ने ज्ञापन पर कोई विचार नहीं किया। प्रमुख मांगों में माइलेज दर भत्ता आरएसी-1980 के सिद्धांत पर निर्धारित हो। सेवानिवृत्त रनिंग स्टॉफ की सांतवें पे कमीशन के अनुसार तुलनात्मक पेंशन निर्धारण हो। वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।

संगठन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष पीसी झा का कहना है, यह हड़ताल 19 जुलाई की सुबह 9 बजे तक रहेगी। कोई भी ड्राइवर और गार्ड ने अन्न-जल नहीं लेंगे। रेल मंत्रालय हमारे संगठन की ओर को लेकर सालों से लंबित किए हुए हैं। कोई मांग पर निर्णय नहीं लिया जा रहा।

संगठन के कुछ प्रमुख पदाधिकारी भूख हड़ताल पर हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी सदस्य थे, जो सिर्फ हड़ताल में शामिल तो हुए मगर खाने पीने में नहीं चूके। मौका मिलने पर चाय-पानी पीते रहे। रनिंग स्टॉफ के कई लोग हनुमान मंदिर के पास चाय-नाश्ता करते देखे गए। सिटी स्टेशन पर कुछ लोग हड़ताल का टैग लगाए सिगरेट पीते मिले। हालांकि इसको लेकर दूसरे कर्मचारियों ने टिप्पणी भी की, तभी मुंह छिपाने लगे।

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