तेजप्रताप यादव निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंचे विधानसभा

पटना, लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और विधायक तेजप्रताप यादव बुधवार को फिर चर्चा में रहे। बजट सत्र को लेकर विधानमंडल परिसर में भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बावजूद वह सुबह 11 बजे निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ परिसर में पहुंच गए। इससे विधानमंडल परिसर में हड़कंप मच गया। इसकी जांच शुरू हो गई है।

विधान परिषद में जब यह मामला उठा तो उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है कि आखिरकार सुरक्षा को धता बताते हुए राजद विधायक परिसर में निजी सुरक्षाकर्मी को लेकर कैसे आ गए।

संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विधानमंडल में अगर कानून बनता है तो उसका पालन करने की जिम्मेवारी भी सभी सदस्यों की है।

तेजप्रताप से जब इस बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने विधानसभा की सुरक्षा जांच करने के लिए ऐसा किया। सरकार टेस्ट में फेल हो गई।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं तेजप्रताप की मां राबड़ी देवी ने कहा कि यह सरकार की चूक है।

दूसरी ओर, पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक निजी सुरक्षाकर्मियों के विधानसभा परिसर पहुंचने को गंभीर सुरक्षा चूक माना गया। इसकी सूचना मिलते ही डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सहित तमाम आला पुलिस अधिकारी विधानमंडल पहुंचे। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच की जाने लगी। सदन की कार्यवाही समाप्त होने तक तमाम आलाधिकारी विधानमंडल परिसर में डटे रहे।

इस गेट से सिर्फ सीएम, डिप्टी सीएम, स्पीकर, सभापित और दोनों सदनों के नेता विपक्ष जैसे अति विशिष्ट लोगों के लिए है। इस गेट से किसी विधायक या मंत्री का प्रवेश नहीं है।

पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव के निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ विमं परिसर में घुसने के मामले की जांच पुलिस अफसरों ने शुरू कर दी है। एसपी सिटी सेंट्रल को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। बुधवार को उन्होंने अपनी पहली रिपोर्ट भी दे दी। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि तेजप्रताप विधानसभा के गेट नंबर आठ से घुस गए थे। इस रास्ते से उनको नहीं आना था फिर भी वहां तैनात दो पुलिस अफसरों ने उन्हें कैसे जाने दिया। इसके अलावा उनकी गाड़ी में सवार निजी सुरक्षाकर्मियों की नजर कैसे नहीं गई? इसकी सूचना अपने आला अफसरों को क्यों नहीं दी। 48 घंटे के भीतर दोनों दारोगा को इन सवालों का जवाब देना होगा। अगर जवाब संतोषप्रद नहीं लगा तो आला अफसर उन्हें निलंबित कर देंगे। इस मामले में पटना के डीएम ने भी कुछ मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण की मांग की है।

सूत्रों की मानें तो इस मामले में पुलिसवालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *