दामाद के बाद अब बागी हुई राम विलास पासवान की बेटी आशा पासवान

पटना, केंद्रीय मंत्री एंव लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान की बेटी आशा पासवान ने ऐलान किया है कि अगर उन्हें राजद ने टिकट दिया तो वे हाजीपुर से पिता के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। आशा पासवान राम विलास कि पहली पत्नी की पुत्री हैं ।

आशा पासवान की शादी दलित सेना के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार साधू से हुई हैं जो पहले ही ससुर राम विलास से नाराज होकर लोजपा छोड़ राजद में शामिल हो चुके हैं ।

मीडिया से बातचीत में आशा ने आरोप लगाया कि उनके पिता ने हमेशा उनके भाई चिराग पासवान को ही आगे बढ़ाने के बारे में सोचा है। आशा के मुताबिक उनकी अनदेखी की गई, क्योंकि उनके पिता बेटियों के साथ भेदभाव करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि चिराग को पार्टी का संसदीय अध्यक्ष बनाए जाने पर भी मैंने कुछ नहीं कहा था, लेकिन अगर अब मुझे राजद का टिकट मिला तो मैं हाजीपुर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।

साल 1988 में अनिल कुमार साधु की शादी रामविलास पासवान की पहली पत्नी की छोटी बेटी आशा से हुई थी, लेकिन दोनों परिवारों के सबंध सालों पुराने हैं।

अनिल के पिता विधायक पुनीत राय और पासवान की बीच अच्छी दोस्ती थी। इस वजह से अनिल बचपन से ही उनके यहां जाते रहते थे। रामविलास पासवान ने पुनीत राय से बेटी आशा की शादी उनके बेटे अमिल से करने की बात कही तो तो वे इससे इंकार नहीं कर सके।

अनिल कहते हैं कि पापा कि दोस्ती रिश्तेदारी में बदल गई। अनिल कुमार साधु ने रामविलास पासवान का खुलकर विरोध किया। बिहार विधान सभा चुनाव में सीटों के ऐलान के बाद जब लोक जनशक्ति पार्टी की ओर से अनिल कुमार साधु को उम्मीदवार नहीं बनाया गया था वो भड़क गए थे। साधु ने बागी तेवर अख्तियार करते हुए टिकट बंटवारे में पासवान पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। अनिल कुमार ने कहा था कि जिन्होंने पार्टी के लिए काम किया उन्हें टिकट नहीं मिला।

टिकट नहीं मिलने से नाराज अनिल ने रामविलास पासवान पर धृतराष्ट्र होने तक का आरोप लगा दिया था। अनिल ने तब कहा था कि उन्हें अपने बेटे चिराग के अलावा कोई नहीं दिखता।

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