नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज लाहौर पहुंचते ही गिरफ्तार

नई दिल्ली, भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के शुक्रवार को लाहौर पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। इसी मामले में सजायाफ्ता उनकी बेटी मरियम नवाज भी गिरफ्तार की गई हैं। दोनों को अदियाला जेल ले जाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक शरीफ बेटी मरियम के साथ शुक्रवार भारतीय समयानुसार रात 9:20 बजे एतिहाद एयरलाइंस की उड़ान ईवाई 243 से लाहौर पहुंचे। हालांकि, उनका विमान करीब तीन घंटे की देरी से अबू धाबी से उड़ा। लाहौर पहुंचने से ऐन पहले खबर दी गई कि विमान को सुरक्षा कारणों से इस्लामाबाद डायवर्ट कर दिया गया। फिर अचानक लाहौर हवाई अड्डे पर उनके विमान के उतरने की सूचना मिली।

उन्होंने बताया कि 16 सदस्यीय एनएबी की टीम पहले से ही हवाईअड्डे पर मौजूद थी, जिसने आव्रजन औपचारिकताएं पूरी होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट भी अपने कब्जे में लेते हुए हज लाउंज में बैठाया।

अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद दोनों को रावलपिंडी के अदियाला जेल भेजने के लिए सेना के दो हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखा गया है। शरीफ और मरियम को जेल भेजने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इस्लामाबाद हवाई अड्डे पर भी एनएबी की एक टीम तैनात है।

सरकार ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मद्देनजर पूरे लाहौर को छावनी में तब्दील कर दिया था। कई सड़कों को कंटेनरों की मदद से सील कर दिया गया था। पाक रेंजर्स सहित 10 हजार जवानों को खासतौर पर शरीफ की गिरफ्तारी के बाद पैदा होने हालात के लिए तैनात किया गया था। करीब दो हजार पाक रेंजर्स की तैनाती लाहौर हवाई अड्डे पर की गई थी।

पाक अखबार डॉन के मुताबिक सरकार ने शरीफ की गिरफ्तारी के लिए तीन योजनाएं बनाई थी। पहली योजना में विमान को इस्लामाबाद डायवर्ट करना और फिर वहां से हेलीकॉप्टर से अदियाला जेल भेजने की बात कही गई थी। दूसरी योजना में लाहौर से गिरफ्तारी कर हेलीकॉप्टर से अदियाला जेल भेजने की थी। तीसरी स्थिति में लाहौर में ही गिरफ्तारी कर कोट लखपत जेल में ही रखने की थी।

पाक मीडिया के दावे के मुताबिक शरीफ और मरियम को अबू धाबी में ही हिरासत में ले लिया गया था। सूत्रों के हवाले से कहा गया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के तीन सदस्यीय टीम को आबू धाबी रवाना किया है, जो शरीफ और मरियम को औपचारिक रूप से गिरफ्तारी वारंट दिखाएगी और फिर अपनी सुरक्षा में पाकिस्तान लाएगी।

प्रशासन ने नवाज के पहुंचने से पहले ही उनकी पार्टी पीएमएल-एन के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पों की घटनाएं सामने आने लगी। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाहौर के नुवाकोट पुलिस थाने में पुलिस के वाहन में तोड़फोड़ की। लाहौर के ही चुंग इलाके में 500 कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसवाले घायल हो गए। रावी पुल के पास भी झड़प हुई, जिसमें चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। एयरपोर्ट पर उग्र भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं तमाम बैरियर को तोड़ते हुए शाहबाज शरीफ मॉल रोड तक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कार्यवाहक मुख्यमंत्री पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की।

नवाज शरीफ को पूर्व प्रधानमंत्री की हैसियत से अदियाला जेल के वीआईपी सेल में रखने की तैयारी प्रशासन ने कर ली थी। लेकिन इसी मामले में सात साल सजा पाईं मरियम की कैद को लेकर प्रशासन पसोपेश थी। वह किसी संवैधानिक पद पर नहीं रही हैं। इसिलए वह अतिविशिष्ट लोगों की श्रेणी में नहीं आती। वहीं राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो की रावलपिंडी जेल में कोई महिला कर्मी नहीं हैं।

नवाज शरीफ ने लंदन से रवानगी के पहले पाकिस्तान के इंटरनेशनल द न्यूज दिये एक इंटरव्यू दिया। जिसमें उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कहा कि किस तरह से पंजाब सरकार उनके प्रशंसको को लाहौर एयरपोर्ट पहुंचने से रोकने के लिए कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि वह यह दिखा रहा है कि वह कितने डरे हुए हैं। पंजाब सरकार लाहौर एयरपोर्ट पर पहुंच रहे 10,000 प्रशंसकों को रोकने में जुटी है ये सभी मरियम और नवाज के स्वागत के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंच रहे थे।

उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि पंजाब सरकार उसके हजारों प्रशंसकों को धर-पकड़ कर रही है। उन्होंने लंदन छोड़ने से पहले कहा, ‘मैं जानता हूं कि लाहौर की तरफ आने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है। यही नहीं परिवहन के सारे मोड़ बंद कर दिए गए हैं जिससे की प्रशंसक लाहौर न पहुंच पाएं।’

‘उनकी पाकिस्तान वापसी से उनके दुश्मन परेशान हैं। जिस तरह से पंजाब सरकार उनके प्रशंसकों गिरफ्तार कर रही है उससे यह पता लगता है कि देश में उनके काम को कितना सराहा जा रहा है।’

शरीफ ने द न्यूज को दिए अपने इंटरव्यू में कहा कि मेरे समर्थक मुझ पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मैं सभी भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया जाउंगा। ‘मुझे एनएबी अदालत ने क्लीन चिट दी है और मैं खुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूं।’

जब शरीफ से यह पूछा गया कि क्या वह जेल की परेशानियों को झेलने के लिए तैयार हैं? तो वह बोले, ‘मैं पहली बार जेल नहीं जा रहा हूं। मैं मुशर्रफ के दौरान भी जेल भेजा गया था। उस दौरान मुझे जेल से बाहर तक देखने की इजाजत नहीं दी गई थी मेरी जेल की खिड़की को काले पेपर से ढक दिया गया था। वहां मुझे कई महीनों तक यातना और अपमान का सामना करना पड़ा था।’

’12 अक्टूबर 1999 के बाद मैं कई महीनों तक जेल में रहा था। मैं जिस जेल में रखा गया था वहां मुझे यह भी पता नहीं चल पाता था कि कब दिन है और कब रात। वह वो समय था जब मेरे खिलाफ न तो कोई केस दर्ज था और न ही सजा हुई थी।’

शुक्रवार को लंदन से लाहौर लौटते वक्त अथॉरिटियों ने शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) के करीब 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है, ताकि वे अपने नेता के समर्थन में रैली का आयोजन न कर सकें। अबु धाबी से लाहौर की फ्लाइट लेने के समय शरीफ ने कहा, ‘मुझे सीधे जेल ले जाया जाएगा, लेकिन मैं यह सब पाकिस्तान के लोगों के लिए कर रहा हूं। ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा। आओ साथ मिलकर पाकिस्तान का भाग्य बनाएं।’

आपको बता दें कि 2016 में पनामा पेपर केस में नाम आने के बाद नवाज शरीफ को जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पेपर में बताया गया था कि शरीफ और उनके बच्चे (जिनमें मरियम भी शामिल हैं) ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड में कंपनी है। इन कंपनियों में नेस्कोल लिमिटेड, नीलसेन एंटरप्राइजेज लिमिटेड और हैंगोन प्रॉपर्टी होल्डिंग्स लिमिटेड की साल 1993, 1994 और 2007 में स्थापना की थी।

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में मामले की जांच का आदेश दिया। मामले में पर्याप्त सबूत न मिलने की वजह से मामले को संयुक्त जांच समिति को भेजा गया था। जेआईटी (जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम) को पता चला कि शरीफ की ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड कंपनियों का इस्तेमाल शरीफ और उनके परिवार के लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। जेआईटी की जांच के आधार पर शरीफ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया गया।

पाकिस्तान में चुनाव जुलाई 25 से होने हैं। इस मामले का असर पाकिस्तान के चुनाव पर भी होगा। तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। शरीफ के खिलाफ याचिका देने वालों में एक इमरान खान भी थे।

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