बिहार के नियोजित शिक्षक और शिक्षिकाओं पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पटना, बिहार के नियोजित शिक्षक अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर गर्दनीबाग धरना स्थल पर गुरुवार सुबह से ही एकजुट हो रहे थे। लगभग 12 बजे हजारों की तादाद मे शिक्षकों ने मांगों को लेकर नारेबाजी करना शुरू किया। विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन के लिए शिक्षक गेट पब्लिक लाइब्रेरी के पास से गर्दनीबाग धरना स्थल होते हुए विधानसभा की तरफ बढ़ना शुरू किया। सैकड़ों शिक्षक हाथ में बैनर लिये विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद धरना स्थल के मुख्य गेट पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों को रोकने की कोशिश की।

मुख्य गेट को शिक्षकों ने तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी शिक्षक और शिक्षिकाओं पर पानी का छिड़काव करना शुरू किया। इस बीच कुछ शिक्षकों की पुलिस के साथ झड़प हुई। एक दूसरें के उपर पत्थरबाजी करने लगे। इस बीच शिक्षक जोर-जोर से नारेबाजी भी कर रहें थे। शिक्षकों की उग्र भीड़ को देखकर पुलिस ने आंसू गैस भी छोड़ा। इससे शिक्षक थोड़ा तितर बितर हुए। लेकिन, शिक्षकों का एक ग्रुप गेट तोड़ने की कोशिश में जुटा रहा। इसके बाद पुलिस ने मुख्य गेट खोला और लाठीचार्ज शुरू किया। लाठीचार्ज से लगभग 50 शिक्षक घायल हो गये। इनमें शिक्षक नेता प्रदीप कुमार पप्पू भी शामिल हैं। लाठीचार्ज के बाद पुलिस दस शिक्षकों को हिरासत में गर्दनीबाग थाना लेकर गयी।

पुलिस के द्वारा किये गये लाठीचार्ज को तमाम शिक्षक संघ ने अमानवीय व्यवहार बताया हैं। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा ने बताया पुलिस ने जानबूझ कर लाठीचार्ज किया है। यह शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार है।

वहीं समिति के मंडल के सदस्य मार्कण्डेय पाठक ने कहा कि विधानसभा चुनाव में शिक्षको पर किये गये लाठीचार्ज का हिसाब लिया जायेगा। प्रारंभिक माध्यमिक शिक्षक संघ के अघ्यक्ष राकेश भारती और महामंत्री अश्विनी कुमार पाठक ने कहा कि जब तक समान काम समान वेतन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन मे शामिल होने के लिए प्रदेश भर से शिक्षक राजधानी पटना आ रहें थे। बैनर लगे शिक्षकों को रास्ते में ही पुलिस ने रोक दिया। टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक संघ के प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बताया कि सैकड़ों शिक्षकों को पुलिस ने राजधानी में प्रवेश से पहले रोक दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *