बीकानेर जमीन घोटाले में ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा से 9 घंटे की पूछताछ

जयपुर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर जिले में कथित जमीन घोटाले के संबंध में मंगलवार को रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा से पूछताछ की। वाड्रा से यह पूछताछ करीब 8-9 घंटे तक चली। वकील ने बताया कि जयपुर में रॉबर्ट वाड्रा से ईडी की पूछताछ बुधवार को भी जारी रहेगी।

वाड्रा अपनी मां मौरीन के साथ सुबह साढ़े 10 बजे ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। लगभग डेढ घंटे बाद मौरीन वाड्रा ईडी कार्यालय से चलीं गईं। वहीं वाड्रा दोपहर डेढ बजे बाहर निकले। बाद में वह फिर पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे।

सुबह कांग्रेस महासचिव व वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी ईडी कार्यालय तक उन्हें छोड़ने आयी थीं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वाड्रा, प्रियंका व मौरीन एक ही वाहन से शहर के अंबेडकर सर्किल स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे।

वाड्रा जयपुर में ईडी के सामने पहली बार हाजिर हुए हैं। इससे पहले एजेंसी दिल्ली में उनसे लगातार तीन दिन (7-9 फरवरी तक) पूछताछ कर चुकी है।

ईडी ने वाड्रा से सात फरवरी गुरुवार को जहां साढ़े पांच घंटे पूछताछ की वहीं शुक्रवार को उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ हुई थी। नौ फरवरी शनिवार को एजेंसी ने वाड्रा से करीब आठ घंटे पूछताछ की थी।

एजेंसी वाड्रा के खिलाफ कथित धन शोधन और विदेशों में अवैध तरीके से संपत्ति खरीदने में उनकी कथित भूमिका के मामले की जांच कर रही है।

वाड्रा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर उनकी 75 वर्षीय मां को परेशान करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि समझ नहीं आ रहा कि यह प्रतिशोध वाली सरकार इतना नीचे गिर जाएगी।

पूछताछ से पहले वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘ईडी के सामने उपस्थित होने के लिए मैं और मेरी 75 साल की मां जयपुर में हैं। समझ नहीं आ रहा है कि एक बुजुर्ग को परेशान करने करने के लिए प्रतिशोध वाली सरकार इतना गिर जाएगी।’

अपनी मां के जीवन में पेश आई दुखद घटनाओं का उल्लेख करते हुए वाड्रा ने कहा, ‘परिवार में तीन मौतों के बाद मैंने अपनी मां से कहा है कि वह मेरे साथ कार्यालय में रहें ताकि हम गम को बांट सकें और साथ समय बिता सकें। अब मेरे साथ कार्यालय में रहने के लिए उनको परेशान और बदनाम किया जा रहा है।’

उन्होंने अपने खिलाफ आरोपों की कानूनी वैधता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर कोई मुद्दा और गैरकानूनी बात थी तो इस सरकार ने चार साल और आठ महीने का समय क्यों लिया?’

वाड्रा ने कहा कि आम चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से एक महीने पहले मुझे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। क्या वे समझते हैं कि जनता नहीं जानती है कि यह चुनावी हथकंडा है? उन्होंने कहा कि वह सवाल का पूरे सम्मान और गरिमा के साथ जवाब देंगे क्योंकि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

यह जमीन घोटाला महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम पर हुए फर्जी आवंटन से जुड़ा हुआ है। इस जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर ऐसे लोगों ने अपने नाम पर आवंटित करवा लिया जो हकीकत में विस्थापित किसान नहीं थे। इसके बाद यह जमीनें बिकती गईं। रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट ने भी यहां 74.85 हेक्टेयर जमीन खरीदी और उसे ज्यादा दाम में बेच दिया।

कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद ईडी ने सितंबर 2015 में इस मामले की जांच शुरू की। मई 2016 में इस मामले को लेकर कुछ गिरफ्तारियां हुईं। जिसके बाद ईडी ने वाड्रा की कंपनी के खिलाफ नोटिस जारी किया। इस नोटिस के खिलाफ वाड्रा की कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट से जब राहत नहीं मिली तो कंपनी के अधिकारी ईडी के सामने पेश हुए।

इस मामले में गजनेर और कोलायत थानों में करीब 18 एफआईआर दर्ज हैं। ईडी ने भी कई गिरफ्तारियां कीं। जयपुर के ईडी दफ्तर ने वाड्रा को पिछले साल पेश होने के लिए सम्मन भेजा था। लेकिन वह नहीं आए। इससे पहले दिल्ली में मनी लांडरिंग और विदेशी संपत्तियों को लेकर वाड्रा से ईडी पूछताछ कर चुकी है

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