माइकल पात्रा बने रिजर्व बैंक के नये डिप्टी गवर्नर

नई दिल्ली, माइकल पात्रा को रिजर्व बैंक का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है। वह अगले 3 साल तक इस पद पर रहेंगे। आरबीआई के मौजूदा कार्यकारी निदेशक व मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्य माइकल पात्रा को यह पद विरल आचार्य के इस्तीफा देने के बाद से खाली पड़ा हुआ था। आचार्य से पहले उर्जित पटेल इस पद पर रहे थे।

बता दें डॉ. विरल आचार्य ने व्यक्तिगत कारणों से 23 जुलाई के बाद सेवाएं देने में असमर्थता जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था।

मौजूदा समय में आरबीआई के तीन डिप्टी गवर्नर हैं – एनएस विश्वनाथन, बीपी कनुनगो और एमके जैन। माइकल पात्रा आरबीआई के चौथे डिप्टी गवर्नर हैं। वहीं शक्तिकांत दास आरबीआई के गवर्नर हैं।

2017 में आरबीआई के साथ करियर शुरू करने वाले माइकल पात्रा की मौद्रिक नीति को लेकर सोच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास से मेल खाती है। दास के दिसंबर 2018 में पद संभालने के बाद से रेपो रेट में लगातार तीन बार हुई कटौती में पात्रा ने हमेशा पक्ष में मतदान दिया है।

बता दें इस पद पर परंपरागत रूप से केंद्रीय बैंक के बाहर के अर्थशास्त्रियों का चयन होता रहा है। डिप्टी गर्वनर का यह पद विरल आचार्य के इस्तीफा देने के बाद से खाली पड़ा हुआ है।

विरल आचार्य के द्वारा इस्तीफे के बाद डिप्टी गवर्नर पद की रेस में 10 नाम रह गए थे। 10 लोगों का इंटरव्यू फाइनेंशियल सेक्टर रेग्यूलेटरी अप्वाइंटमेंट सर्च कमेटी (FSRASC) ने किया था। इन दस नामों में चेतन घाटे (प्रोफेसर, भारतीय सांख्यिकी संस्थान), अरुणिश चावला (संयुक्त सचिव, व्यय विभाग), मनोज गोविल (प्रमुख वित्त सचिव), छत्रपति शिवाजी (एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर एडीबी), संजीव सांयल (मुख्य आर्थिक सलाहाकार), टीवी सोमनाथन (अतिरिक्त मुख्य सचिव, तमिलनाडु), माइकल पात्रा (आरबीआई एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर) और प्राची मिश्रा (अर्थशास्त्री, गोल्डमैन सॉक्स) शामिल थे।

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