राजकीय सम्मान के साथ बिहार के तीनों वीर सपूतों का अंतिम संस्कार

पटना/गया/भोजपुर/कैमूर, जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में रविवार 17 सितम्बर की सुबह हुये आतंकी हमले में शहीद बिहार के तीनों जवानों का शव आज उनके पैतृक गांव लाया गया l लोगों के अंतिम दर्शन के बाद तीनों वीर जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ अपने-अपने गृह क्षेत्रों में कर दिया गया।

गया के वीर शहीद एसके विद्यार्थी का दाह संस्कार दिन के 2:36 बजे गया के विष्णुपद स्थित श्मशान घाट पर किया गया । उनके बेटे व छोटे चाचा रामजी यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान शहीद को 24 तोप की सलामी दी गयी। वहीं शहीद जवान राकेश सिंह एवं अशोक कुमार सिंह के पैतृक गांव में अंत्येष्टि की गयी । प्रदेश सरकार ने इन सबके बीच तीनों वीर शहीद के परिजनों को ग्यारह-ग्यारह लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है ।

शहीद अशोक कुमार सिंह का शव भोजपुर जिले के पीरो प्रखंड के रकटू टोला में मंगलवार को 11:40 में जैसे पहुंचा वीर अशोक जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से रकटू टोला का माहौल गूंज उठा । अपने गांव के बेट की शहादत से युवाओं में गर्व था तो दुश्मनों के प्रति गुस्सा भी साफ झलक रहा था । पूरे गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा था। सड़कें लोगों से पट गयी थी। सेना के अधिकारियों व जवानों की मौजूदगी में शहीद अशोक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया । बिहार सरकार के प्रतिनिधि मंत्री जय कुमार सिंह की उपस्थिति में प्रशासन की ओर से सलामी दी गयी । फूल-मालाओं से अशोक के पार्थिव शरीर पर लाद दिया गया। मंगलवार को दिन के 3.53 मिनट पर प्रभारी मंत्री जय कुमार सिंह और स्थानीय नेताओं की उपस्थिति में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया ।

जम्मू-कश्मीर के उरी में रविवार को हुए आतंकी हमले में कैमूर के शहीद जवान राकेश कुमार सिंह को मंगलवार को उनके गांव बड्ढा में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया । इस मौके पर जिले के 20 हजार से अधिक लोगों ने अपने वीर सपूत को नम आंखों से विदाई दी । 10.33 बजे गोरखा ट्रेनिंग सेंटर वाराणसी व जिला पुलिस के जवानों ने बैण्ड के मातमी धुन के साथ शहीद को सलामी दी गयी । फिर बारी-बारी से मंत्री, सांसद अश्विनी चौबे , विधायक व जिलाधिकारी–आरक्षी अधीक्षक ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राकेश को श्रद्धांजलि दी । मंगलवार को ही 4.32 मिनट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया । दो वर्ष के अवोध बालक ने अपने वीर पिता को मुखाग्नि दी तो पूरा गांव गमगीन हो गया।

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