राजद एमएलसी खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन सुपुर्द-ए-खाक

नालंदा, नालंदा में शुक्रवार को इंतकाल किए राजद एमएलसी खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन शनिवार की शाम सुपुर्द-ए-खाक किए गए। शहर के मिरदार मोहल्ले में उनके पैतृक आवास से राजकीय सम्मान के साथ जनाजा निकाला गया। इसमें नालंदा के अलावा कई अन्य जिलों के हजारों लोगों ने शिरकत की। हृदय गति रुक जाने से शुक्रवार को राजद एमएलसी की पटना के निजी क्लिनिक में मौत हो गई थी।

उनकी मौत की खबर सुनते ही पूरा जिला शोक में डूब गया। हर जुबान पर उनकी ही कहानी थी। जिन लोगों के साथ उन्होंने जैसा बर्ताव किया था, वैसी कहानी लोग सुना रहे थे। कहानी सुनाते समय भी अधिकांश लोगों की आखें नम हो रही थी।

मरहूम मोहसिन का जनाजा उठते ही घर में चीत्कार मच गया। सभी आंखें नम और जुबान खामोश थे। लोग कुछ कहना चाह रहे थे। लेकिन, न तो किसी के लब हिल रहे थे और नहीं आवाज बाहर आ रही थी। बस सब लोग भीड़ का हिस्सा बने आगे बढ़ते जा रहे थे। ऐसा लग रहा था मानों सभी लोग जादू के असर में आ गए हैं। जैसे-जैसे जनाजा आगे बढ़ रहा था न हिन्दू की आंखें सुखी थी न मुसलमान की। सबों को यही एहसास हो रहा था कि मेरा मोहसिन (एहसान करने वाला) हमसे दूर हो गया। अब कभी मुलाकात नहीं हो सकती।

जनाजे को घर से निकालकर मोहल्ले के बड़े मैदान में रखा गया। नमाज से पहले डीएम, एसपी, एसडीओ जनार्दन अग्रवाल, डीएसपी इमरान प्रवेज व अन्य अधिकारियों ने उन्हें सलामी दी। उसके बाद जनाजे की नमाज अदा की गई। इस दौरान विधायक शक्ति सिंह यादव के अलावा राजद के जिला स्तरीय अधिकांश नेताओं के अलावा अन्य दलों के लोग भी मौजूद थे।

वर्ष 1996 में नगरपालिका के चेयरमैन रहे एमएलसी खुर्शीद मोहसिन को नगर निगम में नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल, मेयर विणा कुमारी, उप मेयर फूल कुमारी, स्थाई समिति के सदस्य संजय कुमार निरज कुमार, प्रदूमन कुमार, प्रमोद कुमार, नारायण यादव व अन्य लोगों ने 2 मिंट का मौन रखकर श्रद्वांजलि दी गई।

बिहार शक्ति मिशन के अध्यक्ष सह पूर्व विधायक राम नरेश सिंह ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि मोहम्मद मोहसिन हर किसी के दिलों में बसा करते थे। उनका पूरा जीवन सादगी से भरा रहा। कभी भी विवादों में नहीं रहे। लालू प्रसाद यादव के करीबी होने व एमएलसी बनने के बावजूद भी पुरानी अंबेस्डर कार ही उनकी पहचान रही। गरीबों के सच्चे सिपाही थे। उनकी मौत से हम जैसे नेताओं के अलावा जिले वासियों को अपुर्णीय क्षती हुई है।

एमएलसी के जनाजे में दलों की दीवार टूट गई। हर पार्टी के नेताओं ने शिरकत की। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि हमारी अपूर्णीय क्षति हुई है। चाहे वे जदयू के सांसद कौशलेन्द्र कुमार, पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील, पूर्व विधायक पप्पू खान, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार, माले के तस्लीम उद्दीन व अन्य दलों के नेता मौजूद थे।

वर्ष 1956 में जन्में खुर्शीद मोहम्मद मोहसिन दो भाइयों में बड़े थे। उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से बीए तक की शिक्षा हासिल की थी। उन्हें दो बेटा सैयद मो. फैज अहमद डॉक्टर, दूसरा सेराज अहमद इंजीनियर व बेटी मोनीजा गृहिणी हैं। पूरा परिवार में पटना में रहता हैं। राजनीति में रहते हुए वे वार्ड काउंसलर, नगरपालिका के चेयरमैन, लगातार चार बार राजद के जिलाध्यक्ष, सोगरा वक्फ स्टेट के सदस्य, सोगरा हाईस्कूल के सचिव, सोगरा कॉलेज के सचिव जेल कमिटि के सदस्य, ऑल इंडिया रेलवे सुख सुविधा वोर्ड के सदस्य व अन्य पदों पर तैनात रहे।

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