राफेल विमान सौदा देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला, चौकीदार भागीदार बना – राहुल गांधी

नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे को देश का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला करार देते हुए आरोप लगाया कि चौकीदार भागीदार बन गया है। पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में बलात्कार की घटनाओं पर एक शब्द भी नहीं बोला है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की स्थिति पिछले तीन हजार सालों में इतनी खराब कभी नहीं रही और हर कोई बीजेपी और एनडीए से पूछ रहा है कि अच्छे दिन कहां हैं? कांग्रेसी नेता ने कहा कि मोदी द्वारा किसानों, युवाओं और गरीबों से किये गये वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने दो पत्रकारों के इस्तीफे को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि जो सच सामने लाने का प्रयास करते हैं उन्हें दबाया जा रहा है।

गांधी राज्य में पार्टी की इकाई के नवनिर्मित कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं। फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदे का मुद्दा उठाते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि यह ”अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है और ‘चौकीदार भागीदार बन गया है।

भारत ने 2015 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। गांधी ने कहा कि संप्रग सरकार ने राफेल करार तैयार किया था जिसके अनुसार हर विमान का दाम करीब 540 करोड़ रुपये था। करार तैयार था और मोदी जी को केवल फैसला करना था।

गांधी ने कहा कि मोदी जी फ्रांस गये और उन्होंने पिछला करार खत्म कर दिया और रक्षा मंत्री तथा अन्य कैबिनेट मंत्रियों को इसके बारे में पता नहीं था।

उन्होंने कहा कि राफेल विमानों का दाम 540 करोड़ रुपये प्रति विमान से जादुई तरीके से बढ़कर 1600 करोड़ रुपये प्रति विमान हो गया। उन्होंने कहा कि फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते में ऐसा कोई उपबंध नहीं है जिसके तहत विमानों के दामों को देश के सामने खुलासा ना किया जा सके। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लड़ाकू विमान के संबंध में एक अनुबंध सरकारी हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड से छीन लिया गया और मोदी ने इसे अपने दोस्त अनिल अंबानी को दे दिया।

गांधी ने कहा कि मजेदार बात यह है कि करार अंबानी जी को दे दिया गया जिन्होंने अपने जीवन में कभी विमान नहीं बनाया और ना ही कभी कोई रक्षा अनुबंध लिया।

उन्होंने दावा किया, जिस कंपनी से करार किया गया उस पर 45 हजार करोड़ रुपये का ऋण था। अंबानी राहुल गांधी के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं और उनका कहना है कि राफेल निर्माता फ्रेंच कंपनी ‘डासाल्ट द्वारा उनकी कंपनी के स्थानीय सहयोगी के रूप में चुनने में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

गांधी ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब उन्होंने संसद में राफेल मुद्दा उठाया तो प्रधानमंत्री उनसे नजरें नहीं मिला पाए। कांग्रेस प्रमुख ने देश के विभिन्न भागों में बलात्कार की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया।

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