विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने ली भाजपा की सदस्यता

नई दिल्ली, विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर ने सोमवार को औपचारिक रूप से संसद भवन में भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस दौरान भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे। फिलहाल वह किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा उन्हें दक्षिण भारत के किसी राज्य से राज्यसभा में भेजेंगे।

सुब्रमण्यम जयशंकर को यह महत्वपूर्ण दायित्व उस समय दिया गया है जब करीब 16 महीने पहले ही वे विदेश सेवा से सेवानिवृत हुए हैं। 64 वर्षीय जयशंकर न तो राज्यसभा और न ही लोकसभा के सदस्य हैं। देश के प्रमुख सामरिक विश्लेषकों में से एक दिवंगत के सुब्रमण्यम के पुत्र जयशंकर ऐतिहासिक भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के लिए बातचीत करने वाली भारतीय टीम के एक प्रमुख सदस्य थे। इस समझौते के लिए 2005 में शुरूआत हुयी थी और 2007 में मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली संप्रग सरकार ने इस पर हस्ताक्षर किए थे।

जनवरी 2015 में जयशंकर को विदेश सचिव नियुक्त किया गया था और सुजाता सिंह को हटाने के सरकार के फैसले के समय को लेकर विभिन्न तबकों ने तीखी प्रतिक्रिया जतायी थी। जयशंकर अमेरिका और चीन में भारत के राजदूत के पदों पर भी काम कर चुके हैं। 1977 बैच के भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) अधिकारी जयशंकर ने लद्दाख के देपसांग और डोकलाम गतिरोध के बाद चीन के साथ संकट को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जयशंकर सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त और चेक गणराज्य में राजदूत पदों पर भी काम कर चुके हैं। 64 वर्षीय जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव रहे हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई देश के प्रसिद्ध जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से की।

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