सुशील मोदी ने पेश किया 2 लाख करोड़ का बजट

पटना, बिहार के उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 2 लाख करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया। उन्होंने बिहार के विकास दर का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य 11.3 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। पूरे देश में अव्वल नंबर पर है, लेकिन कुछ लोगों को विकास नहीं दिख रहा।

उन्होंने कहा कि ये बजट 2004-05 के बजट से आठ गुणा ज्यादा है। बिहार आज जो सोचता है देश के दूसरे राज्य उसे फॉलो करते हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार शायराना अंदाज में विपक्ष पर कटाक्ष किया।

मुख्यमंत्री बालक/बालिका साईकिल योजनान्तर्गत साईकिल उपलब्ध कराने हेतु राशि 2500 रू० से बढ़ाकर 3000 रू० प्रति छात्र/छात्रा करते हुए कक्षा 9 में नामांकित 4.59 लाख छात्रों के लिए कुल 137.89 करोड़ रू० एवं 5.15 लाख छात्राओं के लिए कुल 154.77 करोड़ रू० आवंटित किये गये हैं।

वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना के लिए 207.19 करोड़ रू०, मुख्यमंत्री बालिका (इंटरमीडिएट) प्रोत्साहन योजना के लिए 274.84 करोड़ रू०, मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना के लिए 200 करोड़ रू०, सर्व शिक्षा अभियान के लिए 14352.69 करोड़ रू०, मध्याह्न भोजन योजना के लिए 2374.42 करोड़ रू० एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 490 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत किसानों को कृषि कार्य हेतु विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत उपकेन्द्र एवं पृथक फीडरों का निर्माण कराने हेतु 5827.23 करोड़ रू० की राशि स्वीकृत है।

‘‘हर घर बिजली’’ निश्चय अंतर्गत मुख्य मंत्री विद्युत संबंध निश्चय योजना, जिसे बाद में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में समाहित कर लिया गया, के तहत दिसंबर, 2017 तक सभी 39,073 राजस्व ग्रामों में बिजली पहुँचाने एवं अप्रैल, 2018 तक सभी 1,06,249 टोलों में विद्युत पहुँचाने के उपरांत सभी 32,49,828 इच्छुक परिवारों को दिसंबर, 2018 के लक्ष्य के दो माह पूर्व 25 अक्टूबर, 2018 तक विद्युत संबंध प्रदान कर दिया गया।

वर्ष 2018-19 में लगभग 1074.63 करोड़ रू० के व्यय से 1215.88 कि०मी० सड़क का निर्माण कराया जा चुका है तथा वर्ष 2019-20 में 2210.28 कि०मी० पथों का निर्माण कराने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सभी पथों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 से PMGSY-II को बिहार में लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रखंड ग्रामीण पथ परियोजना तथा जिला ग्रामीण पथ परियोजना का क्रियान्वयन कराया जायेगा। PMGSY-II को भी राज्य में वर्ष 2020-21 से समानांतर तौर पर लागू किया जायेगा।
इस योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 5286.66 करोड़ रू० का प्रावधान है।

वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजनांतर्गत 5286.66 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है तथा इस योजना के घटकों के सभी पथों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी।

379.57 करोड़ रू० के अनुमानित लागत से EPC पद्धति पर आर० ब्लॉक-दीघा पथ (फेज-1) के कुल 6.30 कि०मी० पथांश लंबाई में 6-लेन पथ (सर्विस लेन सहित), फ्लाई ओवर, ड्रेन एवं फुटपाथ निर्माण तथा मेडियन कार्य कराने की स्वीकृति प्रदान करने की गई है।

वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क योजना के तहत 1228.83 करोड़ रू० की अनुमानित लागत से औरंगाबाद, गया, जमुई, बाँका एवं मुजफ्फरपुर जिलों में 15 मी0 तक के लम्बाई के पुल/पुलिया निर्माण सहित कुल 864.916 कि०मी० लम्बाई में पथ निर्माण कार्य एवं 148.8 मी0 लम्बाई के एक पुल के निर्माण की स्वीकृती प्रदान की गई है।

पथों के शोध, विकास एवं प्रशिक्षण कार्य हेतु बिहार सड़क शोध संस्थान की स्थापना की जायेगी।

राज्य में जैविक सब्जी की खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान की पायलट योजना पटना, नालन्दा, वैशाली तथा समस्तीपुर जिले में कार्यान्वित की गयी है तथा इसके तहत 17,666 किसानों को 10.45 करोड़ रू० अग्रिम अनुदान का भुगतान किया गया। इस योजना को वृहद पैमाने पर लागू करने के लिए 42.00 करोड़ रू० की लागत से कार्यक्रम तैयार किया गया है। वर्ष 2019-20 में 6,000 के अनुदान को बढ़ा कर 8,000 प्रति किसान किया जायेगा।

वर्ष 2018-19 में खरीफ मौसम में 19.38 लाख किसानों से प्राप्त ऑनलाइन आवेदन के विरूद्ध 15.64 लाख किसानों को 195.10 करोड़ रू० डीजल अनुदान का ऑनलाईन भुगतान 25 दिन की निर्धारित समय-सीमा के अन्दर किया गया। रबी मौसम के लिए भी डीजल अनुदान स्वीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है।

वर्ष 2018-19 में सिंचाई के लिए 350 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान को बढ़ाकर 500 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई कर दी गई है। इस वर्ष धान फसल के लिए 3 सिंचाई के बदले 5 सिंचाई तथा रबी मौसम में गेहूॅँ के लिए 3 के स्थान पर 4 एवं मक्का के लिए 2 के स्थान पर 3 सिंचाई के लिए डीजल अनुदान की स्वीकृति दी गयी।

अनियमित मॉनसून तथा कम वर्षा होने के कारण राज्य के 24 FC जिलों के 280 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए वहाँ के किसानों को सिचिंत क्षेत्र के लिए 13,500 रू० प्रति हेक्टेयर तथा असिचिंत क्षेत्र के लिए 6,800 रू० प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसके तहत 16 लाख किसानों से प्राप्त आवेदनों के विरूद्ध 13.40 लाख किसानों के बैंक खाते में कुल आवंटित राशि 1430 करोड़ रू० के विरूद्ध 901 करोड़ रू० अंतरित किया गया।

बजट में कृषि विभाग को 2958 करोड़, भवन को 5375 करोड़, गृह विभाग को 10968 करोड़, ग्रामीण कार्य को 10917 करोड़, ग्रामीण विकास को 15669 करोड़ और नगर विकास विभाग को 5158 करोड़ का बजट आवंटन हुआ है।

केंद्रीय करो में राज्य की हिस्सेदारी साल 2017-18 में 65,083.38 करोड़ रुपये थी, यह वर्ष 2019-20 में 89,121.79 करोड़ रुपए अनुमानित हैं। वही सहायक अनुदान 49,019.38 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है। वही केंद्रीय क्षेत्र स्कीम के लिए 1390.02 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

2 लाख करोड़ के बजट में सबसे अधिक शिक्षा पर 34798 करोड़ खर्च होगा। इसके बाद रोड पर 17923 करोड़, स्वास्थ्य पर 9622 करोड़, ऊर्जा पर 8894 करोड़ जबकि समाज कल्याण मद में 10615 करोड़ खर्च होंगे।

वार्षिक स्कीम में अगले साल 1 लाख करोड़ खर्च होंगे, जबकि अभी मौजूदा वित्तीय वर्ष 2018-19 में वार्षिक मद में 91 हजार 794 करोड़ ही है।

2019 के चुनावी वर्ष होने के कारण विधानमंडल का सत्र अल्पावधि का है। इससे चालू सत्र में विभागवार मांगों पर विचार किया जाना संभव नहीं है। अतः वर्ष 2019-20 के बजट पेश किए जाने के बाद 15 फरवरी को लेखानुदान संबंधी प्रस्ताव पर वाद-विवाद के बाद मतदान होगा और इस संबंध में चार माह के खर्च के लिए विनियोग विधेयक पारित कराया जायेगा। वर्ष 2019-20 में लेखानुदान के रूप में कुल बजट प्राक्कलन में से निर्वाचन, गृह एवं आपदा प्रबंधन मद की सम्पूर्ण राशि तथा शेष मदों के एक तिहाई यानी 33 प्रतिशत व्यय करने का प्रस्ताव दिया जाएगा।

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