सृजन घोटाले में सीबीआई ने एडीएम समेत तीन अधिकारियों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया

पटना, सृजन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने तीन अधिकारियों को पूछताछ के लिए 24 अगस्त को दिल्ली बुलाया है। तीनों अधिकारी कल्याण विभाग की जांच टीम में शामिल थे। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कल्याण विभाग की दूसरी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।

जिन अधिकारियों को सीबीआई ने दिल्ली बुलाया है। उसमें तत्कालीन एडीएम हरिशंकर प्रसाद, प्रभारी कल्याण पदाधिकारी सह पंचायतराज पदाधिकारी अपूर्व कुमार मधुकर और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राजेन्द्र चन्द्रवंशी शामिल हैं। तीनों अधिकारियों को उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है। दिल्ली में सीबीआई अधिकारियों से जांच की प्रक्रिया के बारे में पूछताछ कर सकती है।

सृजन घोटाला उजागर होने के बाद कल्याण विभाग की पहली प्राथमिकी तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार ने 12 अगस्त 2017 को दर्ज करायी थी। पहली प्राथमिकी में छह करोड़ रुपए की अवैध तरीके से निकासी होने की बात कही गयी थी। जांच के दौरान एसआईटी ने तत्कालीन कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार और कल्याण विभाग के तत्कालीन नाजिर महेश मंडल को गिरफ्तार किया था। बाद में महेश मंडल की न्यायिक हिरासत में मौत हो गयी। कल्याण पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन डीएम आदेश तितरमारे ने कार्यालय की जांच के लिए टीम गठित की थी। टीम में तत्कालीन एडीएम, प्रभारी कल्याण पदाधिकारी सह जिला पंचायती राज पदाधिकारी और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को शामिल किया गया था।

जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रभारी कल्याण पदाधिकारी सह जिला पंचायत राज पदाधिकारी अपूर्व कुमार मधुकर ने 23 अगस्त 2017 को दूसरी प्राथमिकी दर्ज करायी थी। दूसरी प्राथमिकी में 115 करोड़ रुपए की अवैध तरीके से निकासी होने की बात कही गयी है। प्राथमिकी में बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन वरीय शाखा प्रबंधक, कैशियर व लेखपाल, तत्कालीन कल्याण पदाधिकारी, तत्कालीन नाजिर और सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के प्रबंधक, कैशियर, लेखपाल व अन्य सभी कर्मी को आरोपी बनाया गया था। इसी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई ने अधिकारियों को बुलाया है।

एजी की टीम ने कल्याण विभाग का ऑडिट किया था। ऑडिट रिपोर्ट में 221 करोड़ 61 लाख रुपए सृजन के खाते में ट्रांसफर होने की बात कही गयी है। अभी तक 121 करोड़ रुपए की अवैध तरीके से निकासी को लेकर दो प्राथमिकी दर्ज करायी जा चुकी है। बची राशि को लेकर भी एक प्राथमिकी दर्ज करायी जा सकती है।

एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में सभी राशि को जोड़ सकती है, नहीं तो कल्याण विभाग की तर‌फ से तीसरी प्राथमिकी दर्ज करानी होगी।

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