हम दुनिया के सामने आतंक के सभी एक्सपोर्टर को बेनकाब करेंगे – प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और दुनिया के सामने आतंकवाद को पनाह देने और वित्तीय मदद करने वालों की असलियत सामने ला रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत बहुत मजबूती व ताकत के साथ आतंक के खिलाफ लड़ रहा है, और आतंकवाद को पनाह देने और वित्त पोषण करने वाले किसी भी देश का समर्थन नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सामने आतंक के सभी एक्सपोर्टर को बेनकाब करेंगे। हम दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर आतंकवाद को पनाह देने वालों, आतंकवाद को वित्तीय मदद देने वालों और नियार्त करने वालों के खिलाफ लड़ेंगे। हम उनके असली रंग को दुनिया के सामने ला रहे हैं।

भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 70 दिनों में सरकार ने 60 महत्वहीन कानूनों को समाप्त किया है। मोदी ने छठीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) का पद सृजित किए जाने की महत्वपूर्ण घोषणा की और साथ ही देश में जनसंख्या नियंत्रण और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की जरूरत पर जोर दिया। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम की पृष्ठभूमि में मोदी ने कहा कि हम समस्याओं को न टालते हैं, न पालते हैं। अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है। देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बनने के 70 दिनों भीतर संसद के दोनों सदनों ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के निर्णय का अनुमोदन किया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन को लेकर हर सरकार ने कुछ न कुछ प्रयास किया, लेकिन इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं। मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सपनों को पंख लगें, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा?

उन्होंने कहा कि नई सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिया गया है, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियां पेश करता है। मोदी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या चिंता का विषय है और समाज का एक छोटा वर्ग जो अपना परिवार छोटा रखता रहा है, वह सम्मान का हकदार है। जो वे कर रहे हैं वह एक प्रकार की देशभक्ति है। यह पहली बार है जब मोदी ने जनसंख्या का मुद्दा उठाया है। हालांकि भाजपा के कुछ नेता इस पर खुल कर बात करते हैं।

मोदी ने कहा कि अगर जनता शिक्षित और स्वस्थ है तो देश भी शिक्षित और स्वस्थ बनेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आबादी नियंत्रण के लिये छोटे परिवार पर जोर दिया और कहा कि आबादी समृद्ध हो, शिक्षित हो तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

तीन तलाक के खिलाफ हाल ही में संसद से पारित विधेयक का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन भी किया गया।

मोदी ने महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए कहा कि सेना के तीन अंगों के प्रमुख के तौर पर ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) का पद सृजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीडीएस सेना के तीनों अंगों के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने की जरूरत पर एक बार फिर जोर देते हुए कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा देश को महान बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीएसटी ने ‘एक देश, एक कर’ के सपने को सच किया और भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश, एक ग्रिड की उपलब्धि भी हासिल की है

मोदी ने कहा कि अब चर्चा एक देश एक चुनाव को लेकर है, यह देश को महान बनाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने के लिये उठाया गया हर कदम स्वागत योग्य है क्योंकि इन समस्याओं के कारण देश को पिछले 70 साल में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा हम हमेशा ईमानदारी को पुरस्कृत करेंगे।

मोदी ने कहा कि आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है। देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है।

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