सुप्रीम कोर्ट ने अनिल देशमुख और नवाब मलिक को एमएलसी चुनाव में वोट डालने की अनुमति देने से किया इनकार

नई दिल्ली,                सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख और कैबिनेट मिनिस्टर नवाब मलिक को एमएलसी चुनाव में वोट डालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। दोनों ही नेता फिलहाल अलग-अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। महाराष्ट्र में आज एमएलसी चुनाव के लिए मतदान हो रहा है, जिसमें वोट डालने की परमिशन मांगने के लिए देशमुख और मलिक ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इससे पहले हाई कोर्ट ने दोनों की मांग को खारिज कर दिया था।

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री देशमुख और कैबिनेट मंत्री मलिक के वकील ने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। खास बात है कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में केवल 285 वोट ही उपलब्ध हैं। क्योंकि मलिक और देशमुख न्यायिक हिरासत में हैं और शिवसेना के विधायक रमेश लाटके का का ही में निधन हो गया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दोनों नेताओं की याचिका को खारिज कर दिया था। जस्टिस एनजे जमादार की बेंच ने कहा था कि वे शुक्रवार की शाम तक लिखित आदेश तैयार कर देंगे। इसके जवाब में मलिक की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील अमित देसाई ने कहा कि आदेश थोड़ा जल्दी दे दिया जाए, क्योंकि चुनाव सोमवार को हैं।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के चलते मलिक न्यायिक हिरासत में हैं। जबकि, देशमुख के खिलाफ ईडी ने जांच शुरू की है, जिसके चलते वह न्यायिक हिरासत का सामना कर रहे हैं। इससे पहे मुंबई कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में भी वोट डालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

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