देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर की फ्लोर टेस्ट की मांग

मुंबई,                        महाराष्ट्र में सियासी घमासान के बीच विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर जल्द फ्लोर टेस्ट करने की मांग की है। फडणवीस रात करीब 10 बजे राजभवन पहुंचे और कोश्यारी से मुलाकात की। वहीं सूत्रों का कहना है कि आठ निर्दलीय विधायकों ने भी गवर्नर को ईमेल भेजकर फ्लोर टेस्ट की मांग रखी है। हालांकि राज्यपाल ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया है।

बता दें कि शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे की बगावत से महाराष्ट्र में उत्पन्न राजनीतिक संकट में एक सप्ताह तक इंतजार करने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब हरकत में दिख रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने कहा है कि मौजूदा परिस्थिति में शिवसेना के 39 विधायक बाहर हैं और वो लगातार कह रहे हैं कि वो एनसीपी और कांग्रेस के साथ नहीं रहना चाहते। इसका मतलब है कि वो सरकार को समर्थन नहीं देना चाहते। इसलिए सरकार अल्पमत में दिख रही है। इसलिए राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वो तुरंत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से कहें कि वो बहुमत साबित करें।

माना जा रहा है कि 11 जुलाई से पहले ही महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। भाजपा ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा ने अपने सभी  विधायकों से कहा है कि कुछ दिनों तक वे मुंबई में ही रहें।

देवेंद्र फडणवीस की गवर्नर से मुलाकात से थोड़ी देर पहले ही अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मुलाकात की। बताया यह भी गया कि फडणवीस के साथ कुछ विधायक भी पहुंचे थे। वहीं शिंदे गुट ने भी रात में ही विधायकों के साथ इमर्जेंसी बैठक की है। देवेंद्र फडणवीस मंगलवार को राजधानी दिल्ली पहुंचे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की। ऐसा माना जा रहा है कि फडणवीस ने नड्डा को महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रमों से अवगत कराया और पार्टी की भावी रणनीति पर चर्चा की। खबरों की मानें तो भाजपा राज्य में फिर एक बार सरकार बनाने की तैयारी में है। सभी भाजपा विधायकों को अगले 24 घंटों में मुंबई पहुंचने के लिए कहा गया और साथ ही उनसे राज्य से बाहर नहीं जाने को भी कहा गया।

अगर राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाया तो उद्धव कैंप सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। इसके पीछे उद्धव गुट का तर्क है कि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने पर खुद सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई तक की रोक लगा रखी है। ऐसे में अगर राज्यपाल फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाते हैं तो उद्धव ठाकरे गुट सुप्रीम कोर्ट जाकर यह कह सकता है कि विधायकों की अयोग्यता पर फैसला आया ही नहीं तो फिर वे बहुमत परीक्षण में हिस्सा कैसे ले सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शिवसेना के बागी विधायकों को राहत प्रदान करते हुए सोमवार को कहा था कि संबंधित विधायकों की अयोग्यता पर 11 जुलाई तक फैसला नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने से भी इनकार कर दिया था, जिसमें विधानसभा में बहुमत परीक्षण नहीं कराए जाने का अनुरोध किया गया था। ढाई साल पुरानी एमवीए सरकार को गिराने के प्रयास में शिवसेना के लगभग 40 बागी विधायक और कम से कम 10 निर्दलीय विधायक असम के एक पांच सितारा होटल में डेरा डाले हुए हैं।

 

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