कन्हैया के बेटे ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सुरक्षा की मांग की

उदयपुर,           राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को उदयपुर में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा बेरहमी से कत्ल किए गए हिंदू दर्जी कन्हैयालाल के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को 51 लाख रुपये का चेक सौंपते हुए कन्हैया के दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया। इस दौरान कन्हैया के बेटे ने सीएम गहलोत से सुरक्षा की मांग की।

मुख्यमंत्री ने मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में एक तरफ जहां आरोपियों को जल्दी पकड़ने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को पता लगाने के लिए शाबाशी दी तो यह भी कहा कि एनआईए जल्दी से जल्दी केस की जांच करके उन्हें सख्त सजा दिलाए।

अशोक गहलोत ने इसे जघन्य हत्या बताते हुए कहा कि इसने प्रदेश को ही नहीं पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। गहलोत ने आरोपियों को जल्दी पकड़ने की बात कहते हुए पुलिस के काम को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस और एसओजी ने अच्छा काम किया। एक तरफ हत्यारों को पकड़ लिया और दूसरी तरफ मालूम कर लिया कि इनका अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संबंध है। इसलिए एनआईए आई है पिक्चर के अंदर। केस को अपने हाथ में ले लिया है। हमारी एटीएस, एसओजी सहयोगी करेगी।

उन्होंने कहा कि वह गृहमंत्री अमित शाह से भी बात करेंगे और विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया से भी सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री ने एनआईए से जल्दी जांच और सजा की मांग करते हुए कहा कि एनआईए का देश में बहुत बड़ा काम है। जिन लोगों ने हत्या की है कि उन्होंने वीडियो बनाया है। वे खुद गवाह हैं, चश्मदीदी हैं। हम एनआईए से रिक्वेस्ट करेंगे कि केस को फास्ट ट्रैक में लें। जल्दी चालान पेश हो और सभी प्रक्रिया का पालन करते हुए जल्द सजा घोषित हो।

उन्होंने कहा कि जिस तरह हमने पॉक्सो ऐक्ट के तहत 9 लोगों को फांसी दिलाई है, यह केस भी बहुत संगीन है। इसी तरह एनआईए समयबद्ध तरीके से एक महीने में सजा दिलाए। सभी लोगों की भावना है कि जल्दी सजा मिले। देश में आक्रोश है। यह पूछे जाने पर कि क्या पुलिस ने चूक की, समय रहते सुरक्षा दी गई होती तो कन्हैयालाल जिंदा होते। गहलोत ने कहा कि एनआईए हर पहलू से जांच करेगी। सारी बातें पता चल जाएंगी, किसी ने लापरवाही की या क्या हुआ, जांच में सब आ जाएगा।

गहलोत से मुलाकात के बाद कन्हैयालाल के बेटे यश ने कहा कि हमने सुरक्षा की मांग की है। मेरे पिता को सुरक्षा नहीं दी गई लेकिन हमें उपलब्ध कराई जानी चाहिए। हमें इसके लिए आश्वासन दिया गया है। यश ने दोषियों के लिए मौत की सजा की भी मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों को मौत की सजा से कम कुछ नहीं दिया जाना चाहिए।

यश ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से बात की है। उन्होंने हमें आर्थिक मदद भी की है। उन्होंने मुझे सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया है।  उन्होंने कहा कि वह (सीएम गहलोत) हमारा सहयोग कर रहे हैं और हम भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

कन्हैयालाल के परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत महाराणा भूपाल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने कन्हैयालाल पर हुए हमले के दौरान घायल हुए ईश्वर गौड़ का हाल जाना। इस दौरान उनके साथ सीएस ऊषा शर्मा और डीजीपी एमएल लाठर, एसीएस होम अभय कुमार, गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

इस दौरान गहलोत ने ईश्वर गौड़ को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का भी ऐलान किया है। बता दें कि ईश्वर उदयपुर के राजकीय एमबी अस्पताल की सुपर स्पेशिएलिटी बिल्डिंग में न्यूरो आईसीयू में भर्ती हैं।

उदयपुर में एक दर्जी कन्हैयालाल की हत्या को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी धर्मों के पूर्ण सम्मान का आह्वान किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि विभिन्न समुदाय विश्व स्तर पर सद्भाव और शांति से रह सकें। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने उदयपुर मर्डर के बाद राजस्थान में भड़े सांप्रदायिक तनाव के बीच यह बात कही है।

उदयुपर में कन्हैयालाल की क्रूरता से हत्या के बाद पूरे राजस्थान में माहौल शांत लेकिन तनावपूर्ण है। गुरुवार को उदयपुर में हिंदू समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतरे और मौन जुलूस निकालकर खामोशी से अपना आक्रोश जाहिर किया। लोग हाथों में तिरंगा और भगवा झंडा लेकर सड़क पर चले। कई लोगों ने हाथ में पोस्टर लेकर आरोपियों के खिलाफ फांसी की मांग की।

कन्हैयलाल की जघन्य हत्या के विरोध में उदयपुर में सर्व समाज की ओर से मौन जुलूस निकाला गया। कायस्थ, ब्राह्मण, राजपूत, सिख, श्रीमाली समाज, गौड़ समाज, खंडेलवाल समेत अन्य समाज के हजारों लोग सुबह 9:30 बजे टाउनहॉल परिसर में जुटे। यहां से जुलूस के रूप में पैदल ही चलते हुए कलेक्ट्री पहुंचे।

सबसे आगे धर्मगुरुओं को रखा गया था। इसके बाद अलग अलग समाज के लोगों की कतारें थीं। कलेक्ट्री पर युवाओं ने नारेबाजी की और हत्यारों को फांसी देने की मांग की। हालांकि, इस दौरान आयोजकों की ओर से लगातार अपील की जाती रही कि सबको शांति से अपना विरोध प्रकट करना है। किसी को संयम नहीं खोना है। किसी तरह की आत्तिजनक नारेबाजी नहीं करन है। वहीं, प्रशासन से इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने देने का आश्वासन दिया गया।

कन्हैया की हत्या से उपजे आक्रोश और गुस्से को देखते हुए उदयपुर के थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू को अभी बरकरार रखा गया है। इंटरनेट भी अभी तक बंद है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों के नाम अपील जारी करते हुए कहा है कि सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है, सभी लोग शांति बनाए रखें।

गौरतलब है कि एक पोस्ट से आहत होकर मुस्लिम कट्टरपंथियों ने कन्हैयालाल को धमकी दी थी और उसके कत्ल का ऐलान किया था। मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद नाम के शख्स ने मंगलवार शाम कन्हैया की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने पूरी घटना को कैमरे में भी कैद किया। वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि वे ‘इस्लाम के अपमान’ का बदला ले रहे हैं। दोनों आरोपियों को राजसमंद में गिरफ्तार किया गया।

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या करने वाले मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद को लेकर नई-नई जानकारियां सामने आ रही है। पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी से इनका लिंक तो पहले ही उजागर हो चुका था अब पता चला है कि मुख्य आरोपी रियाज अत्तारी का निकाह भी इसी सगंठन के लोगों ने करवाया था। वहीं, गौस और रियाज स्लीपर सेल का नेटवर्क तैयार करने में जुटा हुआ था। राजस्थान के कई जिलों में इसने युवाओं के दिमाग में जहर भरने की कोशिश की।

रियाज 20 साल पहले घर छोड़कर उदयपुर आ गया था। यहां उसकी दोस्ती गौस मोहम्मद से हुई थी। दोनों ज्यादातर समय साथ ही रहते थे। इसी दौरान रियाज पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले ग्रुप दावत-ए-इस्लाम के संपर्क में आया। इसी ग्रुप ने उसकी शादी कराई। दावत-ए-इस्लाम के मौलाना ने रियाज का ब्रेनवॉश किया और ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान बुला लिया।

ट्रेनिंग के बाद रियाज ने गौस मोहम्मद को भी अपने साथ जोड़ लिया। गौस और रियाज दोनों उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, राजसमंद, टोंक, बूंदी, बांसवाड़ा, जोधपुर जिलों में गरीब और बेरोजगार युवाओं को उकसा कर स्लीपर सेल से जोड़ रहा था। आशंका है कि ये स्लीपर सेल ISIS के लिए बनाए जा रहे थे और इसके लिए अरब देशों से फंडिंग भी की गई थी। इस बात से इसकी पुष्टि होती है कि 17 जून को जो वीडियो रियाज ने बनाया था, उसमें उसने शहर के हिस्ट्रीशीटर मुस्लिम युवाओं को उकसाने की कोशिश की थी।

दोनों दावत-ए-इस्लामी और पाकिस्तान के राजनीतिक दल तहरीक-ए-लब्बैक के संपर्क में थे। रियाज और गौस मोहम्मद फंडिंग के लिए 2014 और 2019 में सऊदी अरब और 2017-18 में नेपाल गया था। सऊदी अरब में वे सलमान और अबू इब्राहिम के लगातार सम्पर्क में थे।

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