मदरसों में पढ़ाए जा रहे नफरत के पाठ का नतीजा है उदयपुर की घटना – राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

नई दिल्ली,                      उदयपुर में हुई घटना के बाद देश के हालात के बीच केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मदरसों में पढ़ाए जा रहे नफरत के पाठ का नतीजा है उदयपुर की घटना। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मदरसों में 14 साल से पहले बच्चों को नहीं भेजा जाना चाहिए।

आरिफ खान ने कहा कि देवबंद में कट्टरता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इसको लेकर उन्होंने देवबंद को लेटर भी लिखा था लेकिन 14 साल भी इसका जवाब नहीं मिला।

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि 2008 में मैंने देवबंद को लेटर लिखा था। इसमें मैंने उनसे पूछा था कि आप आतंकवाद के खिलाफ सेमिनार कर रहे हैं। लेकिन आपकी किताबों में खुद इसी का पाठ पढ़ा रहे हैं। यह सब पढ़कर बच्चा उग्रवाद और आतंकवाद के रास्ते पर ही तो जाएगा। आरिफ मोहम्मद खान आज तक समाचार चैनल पर बातचीत कर रहे थे। यही नहीं इस दौरान आरिफ खान ने पाकिस्तान के विद्वान जावेद अहमद गामदी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गामदी ने लिखा है कि आज जो आतंकवाद दिखाई दे रहा है, वह मदरसों में पढ़ाई जा रही धार्मिक सोच का नतीजा है।

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि जावेद गामदी बताते हैं कि मदरसों में पढ़ाया जाता है कि अगर किसी अन्य तरीके से पूजा-प्रार्थना होता होती है तो यह विधर्म होगा। सिर्फ इतना नहीं, यह भी कहा जाता है कि ऐसा करने वाले को सजा देने का अधिकार भी उन्हें है। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को यह तक सिखाया जाता है कि मुस्लिम दुनिया में अन्य धर्म के लोगों पर शासन करने के लिए पैदा हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, आरिफ खान के मुताबिक गामदी ने यह भी कहा है कि जब तक मदरसों में इस तरह की पढ़ाई होती रहेगी, दुनिया में शांति नहीं स्थापित हो सकती।

मोहम्मद आरिफ खान ने कहा कि 14 साल की उम्र से पहले धर्म की शिक्षा दी ही नहीं जानी चाहिए। उन्होने कहा कि न सिर्फ राइट टु एजुकेशन बल्कि यूएन में भी इस बात का जिक्र है। इसके बावजूद मदरसों में ऐसा किया जा रहा है। इस दौरान उनसे पूछा गया कि भाजपा के ऊपर आरोप लगता है कि वह देश का माहौल खराब कर रही है। इस पर आरिफ खान ने कहा कि क्या विभिन्न योजनाओं का लाभ देख के सभी वर्ग को नहीं मिल रहा है? क्या केवल खास वर्ग को सरकारी योजनाओं का फायदा पहुंचाया जा रहा है? अगर ऐसा नहीं है तो भाजपा के ऊपर देश का माहौल बिगाड़ने का आरोप कैसे लगा सकते हैं?

 

You May Also Like

error: ज्यादा चालाक मर्तबान ये बाबू कॉपी न होइए