राज्यपाल को विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों के साथ व्यवहार करने में तटस्थ होना चाहिए – शरद पवार

मुंबई,                          महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की ओर से राज्य के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिठाई खिलाते हुए वायरल हुई तस्वीरों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो शरद पवार ने शनिवार को कहा कि मैं कई शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा रहा हूं, लेकिन कभी किसी राज्पाल ने मुझे मिठाई नहीं खिलाई और गुलदस्ता नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के जनप्रतिनिधियों के व्यवहार में गुणात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

शनिवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए पवार ने कहा ‘मैंने एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह को टेलीविजन पर देखा। वह (राज्यपाल) उन्हें ‘पेड़ा’ खिला रहे थे और गुलदस्ता भेंट कर रहे थे। ऐसा लगता है कि उनमें कुछ गुणात्मक बदलाव आया है।’ महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक उठा-पटक के बीच गुरुवार को एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं, बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

साल 2019 में महा विकास अघाडी के नेताओं के शपथ ग्रहण समारोह को याद करते हुए पवार ने कहा, ‘मैं वहां मौजूद था। कोश्यारी ने कुछ भावी मंत्रियों द्वारा कुछ हस्तियों का नाम लेकर शपथ लेने पर आपत्ति जताई थी। यहां तक उन्होंने उस समय मुझे देखकर केवल प्रारूप के तहत ही शपथ लेने को कहा था।’ उन्होंने कहा फिर भी एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और दिवंगत आनंद दिघे का उल्लेख किया लेकिन राज्यपाल ने उस समय कोई आपत्ति नहीं की।

पवार ने कहा कि मंत्रिमंडल का फैसला हमेशा राज्यपाल के लिए बाध्यकारी होता है। एमवीए सरकार ने राज्यपाल कोटे से विधान परिषद में नामित करने के लिए 12 लोगों की सूची दी थी, जिसे कभी मंजूरी नहीं दी गई। यह कहा गया कि राज्य में बनी नई सरकार के साथ वह जल्द फैसला लेंगे।

पवार ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से पदभार ग्रहण करने के दौरान उनके द्वारा लिए गए फैसले के विपरीत था। राज्यपाल को विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों के साथ व्यवहार करने में तटस्थ होना चाहिए।’

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