हिमाचल प्रदेश पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा में प्रिटिंग प्रेस में पेपर कटर सुधीर ने पेपर को चुराकर बिहार गैंग्स तक पहुंचाया

धर्मशाला,            हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में पुलिस ने 70 अभ्यर्थियों और 20 दलालों समेत 91 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसकी पुष्टि मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख मधुसूदन शर्मा ने की है। चार्जशीट में बताया गया कि प्रिटिंग प्रेस में पेपर कटर का काम करने वाले सुधीर ने ही पेपर को चुराकर बिहार की गैंग्स तक पहुंचाया था। उसके बाद परीक्षार्थियों को तीन से आठ लाख रुपये में पेपर बेचा गया था।

पुलिस की ओर से पेपर देने वाले एक अभ्यर्थी के पिता को भी इसमें आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करने के बाद इसका प्रेस नोट भी जारी किया। मधुसूदन के अनुसार, चार्जशीट में दिल्ली में स्थित प्रिंटिंग प्रेस के पेपर कटर सुधीर को मास्टरमाइंड बताया गया है। बिहार से इन गैंग्स ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर तीन लाख से आठ लाख रुपये तक बेचा था।

मामले की जांच के दौरान आरोपियों से लाखों रुपये की नकदी, विदेशी मुद्रा, पांच कारें, 137 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, एक डीवीआर, 10 हार्ड डिस्क, एक पेन ड्राइव, तीन मेमोरी कार्ड और एक जियो फाई बरामद हुआ था। इसके अलावा अकाउंट पासबुक, दो चेकबुक, तीन पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, दो आधार कार्ड की फोटोकॉपी, सात डेबिट कार्ड, एक हाजिरी रजिस्टर भी बरामद हुआ था।

बता दें कि, हिमाचल पुलिस में कॉन्स्टेबल के 1334 पदों को भरने के लिए 27 मार्च को भर्ती परीक्षा हुई थी। इनमें 932 पुरुष, 311 महिला कॉन्स्टेबल समेत 91 चालकों का चयन कर लिया गया था। भर्ती का परिणाम पांच अप्रैल को घोषित हुआ था। लिखित परीक्षा में पहली बार 74 हजार आवेदक शामिल हुए थे। इनमें से 60 हजार पुरुष और 14 हजार महिला आवेदक शामिल थीं, लेकिन पुलिस भर्ती पेपर लीक होने के बाद भर्ती को रद्द कर दिया गया। मामला उजागर होने के बाद प्रदेश और बाहरी राज्यों से कई आरोपी गिरफ्तार हुए।

हिमाचल प्रदेश में आज रविवार को पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए प्रदेश में करीब 81 केंद्र बनाए गए। पेपर लीक मामले में फंसे 116 आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं बैठ सके।

पेपर लीक मामले की शुरुआती जांच के दौरान कई हैरान करने वाले खुलासे हुए थे। परीक्षा परीणाम में मेरिट में आए तीनों मुख्य आरोपी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता पाए थे। वहीं, जब पुलिस ने जब उनसे कांगड़ा जिले के तीन मंत्रियों के नाम पूछे तो जवाब में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को कांगड़ा जिले का मंत्री बताया था।

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