एकनाथ शिंदे सरकार को विधानसभा में मिला बहुमत, मिले 164 वोट

मुंबई,                पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को फ्लोर टेस्ट के दौरान उनके गुट के एक और विधायक बागी हो गए हैं और उन्होंने शिंदे कैंप ज्वाइन कर लिया है। इतना ही नहीं फ्लोर टेस्ट के दौरान विधायक संतोष बांगड़ ने शिंदे सरकार के समर्थन में वोट किया है। इस प्रकार अब एकनाथ शिंदे के कैंप में विधायकों की कुल संख्या 40 हो गई है। उधर एकनाथ शिंदे विधानसभा में भी बहुमत परीक्षण पास कर लिया है। उनको 164 वोट मिले हैं, जबकि 99 वोट विरोध में पड़े। इससे पहले रविवार को स्पीकर के चुनाव में भी भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट के प्रत्याशी राहुल नार्वेकर भी इतने ही वोट हासिल करके जीते थे। वहीं, शिवसेना के महज 15 विधायकों ने ही पार्टी की व्हिप के आधार पर सरकार के खिलाफ वोट डाला, जबकि 40 विधायकों ने शिंदे सरकार के समर्थन में मतदान किया। 21 विधायक सदन से गैरहाजिर रहे। 266 विधायक सदन में मौजूद थे। एसपी के दो एमएलए समेत 3 विधायक तटस्थ रहे। 263 ने वोटिंग की तो शिंदे सरकार के पक्ष में 164 और विपक्ष में 99 वोट पड़े।

स्पीकर ने पहले ध्वनिमत से वोटिंग का प्रयास किया था, लेकिन इस पर विपक्ष ने ऐतराज जताया था। इस पर स्पीकर राहुल नार्वेकर ने दोनों पक्षों के विधायकों को सीट पर ही खड़ा कराया और फिर विधानसभा के कर्मचारियों ने उनके पास जाकर मत लिया और उसके आधार पर ही फैसला लिया। इस दौरान एक दिलचस्प नजारा भी विधानसभा में देखने को मिला। महाराष्ट्र विधानसभा में वोटिंग शुरू हुई तो बहुमत के लिए हेडकाउंट की प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके तहत एक-एक सीट पर जाकर विधायक से उसकी राय पूछी गई। हेडकाउंट पूरा होने के बाद एकनाथ शिंदे को 164 विधायकों के समर्थन का खुलासा हुआ।

बागी विधायक प्रताप सरनाइक ने जब एकनाथ शिंदे सरकार के समर्थन में मतदान किया तो उद्धव ठाकरे समर्थक शिवसेना विधायकों ने ईडी-ईडी के नारे लगाए। इससे पहले रविवार को स्पीकर के चुनाव में एकनाथ शिंदे सरकार की ओर से घोषित प्रत्याशी राहुल नार्वेकर को 164 वोट हासिल हुए थे। भाजपा के पहली बार के विधायक राहुल नार्वेकर को एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों, भाजपा और कुछ निर्दलीय विधायकों ने समर्थन दिया था।

दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा से फ्लोर टेस्ट के दौरान की तस्वीर सामने आई जब विधायक संतोष बांगड़ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास मौजूद नजर आए और वे विजयी निशान भी दिखा रहे थे। मालूम हो कि इससे पहले 39 विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दामन थाम चुके थे।

बताया गया कि संतोष बांगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट के विधायकों के साथ सुबह से ही देखे गए हैं। बांगड़ सुबह होटल से शिंदे गुट के विधायकों के साथ निकले थे और उनके साथ विधानसभा पहुंचे थे। हिंगोली जिले के कलमनुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक संतोष बांगर हैं। संतोष बांगर के शिंदे गुट में शामिल होने से उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है।

बताया जा रहा है कि विधायक संतोष बांगड़ के अलावा PW Party के श्याम सुंदर शिंदे ने भी एकनाथ शिंदे सरकार के पक्ष में वोट किया है। बहुजन विकास अघाड़ी को भी शिंदे का समर्थन मिल गया है। वहीं कांग्रेस के कुछ विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान अनुपस्थित बताए गए हैं।

इस प्रकार महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक और अग्निपरीक्षा पास कर ली है। उन्होंने विधानसभा में बहुमत परीक्षण पास कर लिया है। उनको 164 वोट मिले हैं। विपक्ष के चार विधायक वोट नहीं डाल पाए। इसमें कांग्रेस के अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार और एनसीपी के अन्ना बंसोडे, संग्राम जगताप शामिल हैं। ये चारों लेट हो गए थे फिर इनको सदन के अंदर नहीं जाने दिया गया।

बहुमत साबित करने के बाद धन्यवाद भाषण देते हुए एकनाथ शिंदे अपने दो बच्चों की डूबकर मौत होने और फिर गुरु आनंद दिघे की ओर से सांत्वना को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैं जब शिवसेना के पार्षद के तौर पर काम कर रहा था तो अपने दो बच्चों को खो दिया था। उस दौरान मुझे लगा कि अब सब कुछ समाप्त हो गया है। मैं तब टूट गया था और आनंद दिघे ने तब मुझे राजनीति में बने रहने की सीख दी।

उन्होंने बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की विरासत का जिक्र किया तो वहीं अपनी बगावत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मेरे सीएम बनने से बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हुआ है। यही नहीं इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि विधान परिषद के चुनाव के दौरान मुझसे बदसलूकी की गई थी।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने मुझसे पूछा था कि कहां जा रहे हो? कब आओगे? इस पर मैंने कहा था कि मैं नहीं जानता। मुझे बालासाहेब ठाकरे ने अन्याय से लड़ने का सबक दिया था और उसी के अनुसार मैं अपने मिशन पर निकल गया।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं महाराष्ट्र में गरीब और कमजोर तत्वों की प्रगति के लिए प्रार्थना करता हूं। बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के आशीर्वाद से शिवसेना-भाजपा गठबंधन की सरकार बनी है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि पिछले एक पखवाड़े से मुझ पर विश्वास करके इतना बड़ा फैसला लेने के लिए शिवसेना के 40 और छोटे दलों के 10 विधायकों को बधाई। उन्होंने कहा कि मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा है कि मैं सीएम के तौर पर बोल रहा हूं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हुए इस पूरे घटनाक्रम को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने मुझे बताया कि इस घटना की रिपोर्ट 33 देशों ने की थी। सत्ता में मैं शहरी विकास मंत्री था। गुलाबराव पाटिल से लेकर उदय सामंत तक जनता के मंत्री थे। बाईं ओर अपने-अपने मंत्री पद के साथ 40 विधायक और 10 विधायक थे।

शिंदे ने कहा कि मेरे बगल में बैठे विधायकों और विधायकों ने देखा है कि मेरे साथ कैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि अन्याय के बाद मैंने बालासाहेब ठाकरे की शिक्षाओं के अनुसार विद्रोह किया। एकनाथ शिंदे ने कहा, हमारे विधायकों ने मुझे आगे बढ़कर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए नहीं कहा। यही नहीं एकनाथ शिंदे ने इस बात से भी इनकार किया कि उनकी ओर से कोई बगावत की गई है। उन्होंने कहा कि मुझे तो धमकियां दी जा रही थीं।

शिंदे ने कहा कि मुझे शिवसेना विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया। मूर्तियों को जला दिया गया। मैं 30 से 35 सालों से शिवसेना में हूं। 17 साल की उम्र में बालासाहेब ठाकरे के विचारों से अभिभूत हो गया था। मैं आनंद दिघे से मिला और शिवसेना का शाखा प्रमुख बन गया।

महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत जीतने के बाद उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में वोटिंग के दौरान ED के नारे लगाए जाने पर कहा कि हां महाराष्ट्र में ईडी की मदद से सरकार बनी है। इसमें E मतलब Eknath Shinde और D मतलब Devendra Fadnavis है। दरअसल, फ्लोर टेस्ट के बाद विधानसभा में बोलते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बात पर नाराजगी जताई जब विधानसभा में वोटिंग के दौरान ED-ED के नारे लगे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि इसमें E मतलब Eknath और D मतलब Devendra है। इतना ही नहीं उन्होंने विपक्ष को नसीहत भी देते हुए कहा कि राजनीति में विरोधियों की आवाज सुनने के लिए सभी को तैयार रहना चाहिए।

फडणवीस ने कहा कि हमने देखा है कि सोशल मीडिया पर बयान देने और पोस्ट करने के लिए लोगों को जेल में डाल दिया गया। हमें अपने खिलाफ बोलने वाले लोगों के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें आलोचना का जवाब उचित तरीके से देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने एक बार कहा था कि मैं वापस आऊंगा। लेकिन जब मैंने ऐसा कहा तो कई लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया।

उन्होंने कहा कि मैं आज वापस आया हूं और एकनाथ शिंदे को अपने साथ लाया हूं। मैं उन लोगों से बदला नहीं लूंगा जिन्होंने मेरा मजाक उड़ाया। मैं उन्हें माफ कर दूंगा, राजनीति में हर बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि मैं घर पर भी बैठ जाता अगर पार्टी मुझसे कहती लेकिन उसी पार्टी जिसने मुझे सीएम बनाया उसी के आदेश के अनुसार डिप्टी सीएम बना हूं। इस सरकार में कभी सत्ता के लिए संघर्ष नहीं होगा, हम सहयोग करते रहेंगे। लोग भले ही ताना मारते हैं कि यह ईडी की सरकार है।

फडणवीस ने कहा कि हमारे गठबंधन को जनादेश मिला था फिर भी हमें जानबूझकर बहुमत से दूर ले जाया गया। लेकिन एकनाथ शिंदे के साथ हमने एक बार फिर शिवसेना के साथ अपनी सरकार बनाई है। सच्चे शिवसैनिक को सीएम बनाया गया है।

वर्तमान में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के 106 विधायक हैं। हाल ही में शिवसेना के एक विधायक की मृत्यु के बाद विधानसभा की वर्तमान संख्या घटकर 287 हो गई है। ऐसे में सदन में बहुमत का आंकड़ा 144 है और यह शिंदे ने आसानी से पार कर लिया है।

 

You May Also Like

error: ज्यादा चालाक मर्तबान ये बाबू कॉपी न होइए