भाजपा ने शिवसेना को खत्म करने की रची है साजिश – उद्धव ठाकरे

मुंबई,                        महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान बागी विधायकों और भाजपा को मध्यावधि चुनाव में उतरने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शिवसेना को खत्म करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि मेरी चुनौती है कि यदि इन लोगों में हिम्मत है तो फिर मध्यावधि चुनाव में उतरें। पार्टी के जिलाध्यक्षों की मीटिंग में कहा कि जिस तरह से विधानसभा का संचालन हो रहा है, वह संविधान का उल्लंघन है।

शिवसेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने जिलाध्यक्षों से कहा कि यदि वे लड़ाई को जारी रखना चाहते हैं तो हमारे साथ बने रहें। उन्होंने कहा कि भाजपा हमारी पार्टी को खत्म करने के प्रयास कर रही है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह भाजपा की साजिश है कि शिवसेना को समाप्त कर दिया जाए। मैं आपको चुनौती देता हूं कि मध्यावधि चुनाव का सामना करें। इन सभी खेलों को छोड़कर हम जनता की अदालत में जाएंगे। यदि हम गलत होंगे तो फिर लोग हमें घर भेज देंगे। यदि भाजपा और शिंदे ग्रुप के लोग गलत होंगे तो फिर उन्हें घर लौट जाना होगा।

उन्होंने कहा कि संविधान के जानकारों को बताना चाहिए कि क्या विधानसभा जिस तरह से चल रही है, वह संविधान के मुताबिक है। उन्होंने कहा कि जो घटनाक्रम हो रहा है, वह सत्ता को हासिल करने के लिए धोखा देने वाला है।

बता दें कि एकनाथ शिंदे पिछले महीने करीब 40 शिवसेना विधायकों के साथ सूरत चले गए थे। उसके बाद वह उन विधायकों संग गुवाहाटी में ठहरे थे और फिर फ्लोर टेस्ट की मंजूरी मिलने के बाद वह मुंबई लौटे और सीएम पद की शपथ ली। यही नहीं रविवार को विधानसभा में स्पीकर के चुनाव और सोमवार को बहुमत परीक्षण से पहले इन सभी विधायकों को उन्होंने वापस बुलाया था।

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे गुट के पास अब शिवसेना के 15 विधायकों का ही समर्थन है। यही नहीं मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाली शिवसेना के पास अब नेता विपक्ष का भी पद नहीं रहा। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजीत पवार को सोमवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में चुना गया। उद्धव ठाकरे गुट के 15 विधायकों में से आधे मुंबई के विधानसभा क्षेत्रों से आते हैं। उद्धव ठाकरे के पास जो विधायक हैं उनमें आदित्य ठाकरे, अजय विनायक चौधरी, प्रकाश वैकुंठ फाटेरपेकर, रमेश गजानन कोरगांवकर, रमेश लातके, राउत सुनील राजाराम और दत्ताराम वायकर हैं। वहीं शिंदे गुट के पास पूरे महाराष्ट्र से विधायक हैं।

इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सदन में महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने 164-99 के अंतर से फ्लोर टेस्ट जीता।

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