उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले अपने दो सांसदों को टीएमसी ने पत्र लिखकर पूछा इसका कारण

कोलकाता,             तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी के निर्देश की अवहेलना कर उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने वाले अपने दो सांसदों शिशिर अधिकारी  और दिब्येंदु अधिकारी को रविवार को पत्र भेजकर जवाब-तलब किया है। उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने के पार्टी के फैसले के बावजूद दोनों सांसदों ने शनिवार को दिल्ली जाकर मतदान किया था। इसके बाद लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने रविवार को सांसद पिता-पुत्र को पत्र लिखकर इसका कारण पूछा है।

पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी से वरिष्ठ सांसद शिशिर अधिकारी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पिता हैं, जबकि तमलुक से सांसद दिब्येंदु अधिकारी उनके भाई हैं। सुवेंदु के पिछले साल बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से ही उनके सांसद पिता व भाई भी पार्टी से दूरी बनाकर चल रहे हैं। इधर, पत्र में सुदीप ने लिखा कि चार अगस्त को आप दोनों को पत्र लिखकर जानकारी दी गई थी कि पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगे। लेकिन, हमने देखा कि आपने इसके बावजूद उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान किया है। इसीलिए आपको चार तारीख को पार्टी द्वारा लिखित में दिए गए आदेश का पालन नहीं करने का कारण बताना चाहिए।

इधर, पार्टी के इस कदम पर शिशिर व दिब्येंदु अधिकारी के करीबियों का कहना है कि राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति चुनाव में कोई भी पार्टी व्हिप जारी नहीं कर सकती है। ऐसे में उन्होंने वोट देकर कोई गलती नहीं की है।

गौरतलब है कि तृणमूल ने उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहने का पहले ही फैसला किया था। इस बीच, पार्टी की ओर से सुदीप बंद्योपाध्याय ने बीते चार अगस्त को सांसद शिशिर व दिब्येंदु अधिकारी को अलग-अलग पत्र लिखकर पार्टी के निर्देशों का पालन करने और वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने को कहा था। परंतु इसके बावजूद दोनों ने मतदान किया।

शिशिर अधिकारी साल 2019 में टीएमसी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने टीएमसी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि, शिशिर अधिकारी ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था। इसी तरह उनके पुत्र दिव्येंदु अधिकारी भी टीएमसी से दूरी बनाकर चल रहे हैं। इससे पहले दलबदल विरोधी कानून के तहत शिशिर अधिकारी की संसद सदस्यता खारिज करने के लिए भी सुदीप ने पार्टी की ओर से पिछले साल ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आवेदन किया था। यह मामला फिलहाल लोकसभा की प्रिविलेज एंड एथिक्स कमेटी के विचाराधीन है।

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