नीतीश सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय के खिलाफ 14 अगस्त को गिरफ्तारी वारंट, 16 अगस्त को ली शपथ

पटना,                   बिहार में नई सरकार के कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह के खिलाफ 14 अगस्त को गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद भी मंत्री पद की शपथ लेने के बाद राजनीति गर्मा गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

बता दें कि एक दिन पहले ही कार्तिकेय सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली, उस दिन उन्हें किडनैपिंग के एक मामले में कोर्ट में पेश होना था मगर वो नहीं हुए।

कानून मंत्री के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने से नीतीश सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। पटना में बुधवार दोपहर एक कार्यक्रम से निकलने बाद जब वे मीडिया से मुखातिब हुए तो उन्हें कार्तिकेय सिंह को लेकर सवाल पूछा गया। हालांकि उन्होंने यह कहकर बात टाल दी कि उन्हें इस केस की कोई जानकारी नहीं है।

पटना जिले के बिहटा इलाके में हुए राजू बिल्डर अपहरण कांड में कानून मंत्री कार्तिक कुमार उर्फ कार्तिके सिंह आरोपी हैं। इनके खिलाफ बिहटा थाना कांड संख्या 859/2014 दर्ज है। कार्तिकेय पर कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी हुआ है। इन्हें 16 अगस्त को कोर्ट में पेश होना था जबकि ये मंत्री पद की शपथ ले रहे थे। इसी अपहरण कांड में पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह भी आरोपी हैं।

भाजपा सांसद सुशील मोदी ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि कार्तिकेय सिंह को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मुख्यमंत्री को मीडिया के सामने आकर स्पष्ट करना चाहिए। कार्तिकेय सिंह को कोर्ट में सरेंडर करना था लेकिन वे मंत्री पद की शपथ ले रहे थे।

पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने मंत्री विवाद मुद्दे पर कहा है कि नीतीश कुमार हिम्म्मत दिखाएं और कार्तिकेय सिंह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें। कानून मंत्री विवाद पर मीडिया से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार को हिम्मत दिखाते हुए कार्तिकेय सिंह को मंत्री पद से बर्खास्त करना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने नई कैबिनेट पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि कार्तिकेय सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पटना उच्च न्यायालय इस पर गंभीरता से ध्यान देगा।

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