बिहार के बेगूसराय गोलीकांड के चारों आरोपी गिरफ्तार

बेगूसराय,                   बिहार के बेगूसराय में गोलीकांड के चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने बेगूसराय जिले में नेशनल हाईवे 28 पर करीब 30 किलोमीटर तक फायरिंग कर आतंक मचाया था। इस गोलीकांड में एक शख्स की मौत हो गई और 9 लोग घायल हुए। चारों आरोपियों का नाम सुमित, युवराज, नागा केशव और अर्जुन बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी पुष्टि नहीं हुई है। बेगूसराय पुलिस शुक्रवार को दोपहर 2.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी देगी। इसमें कई सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।

बेगूसराय जिले में मंगलवार शाम हुई सीरियल फायरिंग की वारदात के बाद पुलिस और सरकार पर सवाल उठ रहे थे। पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर बेगूसराय, पटना समेत आसपास के सभी जिलों में नाकाबंदी और छापेमारी की। पुलिस ने हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, इसमें दो बाइक पर सवार चार लोगों के फुटेज मिले जिन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी कर दहशत फैलाई थी।

इन संदिग्धों की फोटो पुलिस ने सार्वजनिक की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद पुलिस ने सुमित और युवराज नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फिर नागा केशव और अर्जुन नाम के दो और शख्स को अरेस्ट किया गया। नागा केशव को जमुई के झाझा रेलवे स्टेशन में मौर्या एक्सप्रेस ट्रेन से पकड़ा गया। वह वारदात को अंजाम देने के बाद रांची भागने की फिराक में था।

बेगूसराय पुलिस इस पूरे मामले पर शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। माना जा रहा है कि पुलिस इस गोलीकांड में सनसनीखेज खुलासे कर सकती है। आरोपियों की पूरी पहचान अभी तक नहीं बताई गई है। मगर बताया जा रहा है कि तीन आरोपी बेगूसराय जिले के ही रहने वाले हैं और आपराधिक छवि के हैं। केशव पहले भी जेल जा चुका है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय गोलीकांड को लेकर शुक्रवार को कहा कि बेगूसराय गोलीकांड महज एक वारदात नहीं बल्कि आतंकी हमला था। सीएम नीतीश कुमार असली अपराधियों के नाम छुपाने में लगे हैं। इस केस की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जाए।

उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। वे तथ्यों को छिपा रहे हैं। ये एक गोलीकांड नहीं बल्कि आतंकी हमला है। ये दुर्भाग्य है कि एक राज्य का मुखिया इस घटना की लीपापोती करने में जुटा है। सीएम नीतीश कुमार कह रहे हैं कि ये पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक पर हमला है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को डूब कर मर जाना चाहिए। वे लोगों की बातों में आकर बयान दे रहे हैं, क्या उनके पास कोई सिस्टम नहीं है? इनका सिस्टम फेल कर गया था। जहां हमला हुआ वहां किसी एक वर्ग के नहीं बल्कि हिंदू समाज के हर वर्ग के लोग थे, इसलिए ये आतंकी हमला है।

उन्होंने कहा कि एक बार 2013 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही पटना के गांधी मैदान में पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। उस वक्त भी एक ही वर्ग के लोगों ने हमला किया था। उन्होंने बेगूसराय गोलीकांड की जांच सीबीआई या एनआईए से कराने की मांग की है।

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