शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पुजा आज, जाने शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली,               रोहिणी नक्षत्र व सिद्धि योग में आज भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। बाजार में पूजन सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। इसके साथ कई लोग गाड़ियों की सफाई के लिए देर शाम तक सर्विसिंग सेंटर पर जुटे रहे। सरकारी बस स्टैंड, निजी बस स्टैंड, रेलवे यार्ड, बियाडा स्थित कल-कारखाने के अलावा मोटर-गैरेज आदि जगहों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाएगी।

पंडित उदय शंकर पाण्डेय ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा पहले वास्तुकार और इंजीनियर हैं जिन्होंने स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान, द्वारिका नगरी, यमपुरी, कुबेरपुरी आदि का निर्माण किया था। इस दिन विशेष तौर पर औजार, निर्माण कार्य से जुड़ी मशीनें, दुकानों व कल-कारखानों आदि की पूजा की जाती है। इस बार रोहिणी नक्षत्र व सिद्धि योग भी संयोग बन रहा है।

भगवान विश्वकर्मा की कृपा से भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। व्यापार में तरक्की और उन्नति होती है। पंडित उदय शंकर पाण्डेय ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी के सातवें पुत्र के रूप में जन्‍म लिया था। भगवान विश्वकर्मा का जिक्र 12 आदित्यों और ऋग्वेद में होता है। भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने पर व्यक्ति को व्यवसाय में उन्नति और कुशलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

धनबाद से खुलने वाली कोलफील्ड एक्सप्रेस में चलती ट्रेन में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। विश्वकर्मा पूजा के दिन कोलफील्ड एक्सप्रेस पूजा स्पेशल ट्रेन बन जाती है। पिछले नौ वर्षों से डेली पैसेंजर और रेल कर्मचारी मिल कर कोलफील्ड एक्सप्रेस में विश्वकर्मा पूजा कर रहे हैं। पहले डेली पैसेंजर के प्रतिनिधि चालक दल और गार्ड के साथ मिलकर इंजन की पूजा करेंगे। इसके बाद विधि-विधान से बोगी में स्थापित भगवान विश्वकर्मा की आराधना की जाएगी।

धनबाद से हावड़ा के बीच नियमित यात्रा करने वाले डेली पैसेंजरों का समूह ट्रेन में विश्वकर्मा पूजा के प्रबंध करता है। हावड़ा से 16 सितंबर की रात लौटी कोलफील्ड एक्सप्रेस से भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा लाई गई। रातभर यार्ड में बोगी और ट्रेन को सजाया गया। शनिवार को जब ट्रेन यार्ड से प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आएगी तो ढोल-ताशे बजेंगे। मंत्रोच्चार के बीच ट्रेन में पूजा होगी और ट्रेन के हावड़ा पहुंचने से पहले सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा।

विश्वकर्मा पूजा का शुभ मुर्हूत

  • सर्वार्थ सिद्धि योग में प्रात: 05:35 से दोपहर 12.21 तक
  • द्विपुष्कर योग में दोपहर 12: 21 से दोपहर 02.14 तक
  • अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 11:14 से 12:03 तक
  • अमृत काल में सुबह 08:50 से से 10:35 तक

 

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