मोहन भागवत से मिलने वाले मुस्लिम नेता “कुलीन” (एलीट) हैं – असदुद्दीन ओवैसी

नई दिल्ली,            पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी और दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग समेत करीब पांच मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक समूह ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिलने वाले मुस्लिम नेता “कुलीन” (एलीट) हैं और उनका “जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।” ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख ओवैसी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में ये बात कही।

इन पांच नेताओं में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल जमीर उद्दीन शाह, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और व्यवसायी सईद शेरवानी शामिल थे। ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये लोग गए और उनसे (भागवत) मिले। पूरी दुनिया आरएसएस की विचारधारा को जानती है, और आप जाकर उनसे मिलते हैं। मुस्लिम समुदाय का यह कुलीन वर्ग, जो कुछ भी करता है, वह सच है। लेकिन जब हम अपने मौलिक अधिकारों के लिए राजनीतिक रूप से लड़ते हैं, तो हमें गलत तरीके से दिखाया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह कुलीन वर्ग सोचता है कि यह बहुत जानकार है लेकिन जमीनी वास्तविकता से उनका कोई संपर्क नहीं है, वे आराम से रह रहे हैं और वे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिल रहे हैं। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, मैं उस पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन उन्हें भी हमसे सवाल करने का अधिकार नहीं है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मुस्लिम नेताओं से मिलते रहे हैं। आज, उन्होंने अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य मौलवी उमर अहमद इलियासी से दिल्ली के मध्य में एक मस्जिद में मुलाकात की। कस्तूरबा गांधी मार्ग मस्जिद में बंद कमरे में एक घंटे से अधिक वक्त तक बैठक हुई। अखिल भारतीय इमाम संगठन का कार्यालय यहीं स्थित है। भागवत के साथ संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल, राम लाल और इंद्रेश कुमार थे। राम लाल पहले भाजपा के संगठनात्मक सचिव थे जबकि कुमार मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक हैं।

इसके बाद मोहन भागवत मस्जिद के पास ही चलने वाले मदरसे में भी पहुंच गए और छात्रों से बात की। कहा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय से संपर्क साधने के अभि्यान के तहत मोहन भागवत का यह दौरा हुआ। इंद्रेश कुमार ने बताया कि मोहन भागवत से बच्चों की क्या बात हुई। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने बच्चों से पूछा कि आखिर वे क्या पढ़ते हैं और जिंदगी में क्या बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर बच्चों ने बताया कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं। इस दौरान इमाम उमर अहमद इलियासी ने भागवत को बताया कि बच्चों को यहां मजहबी शिक्षा देने के अलावा आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी कराई जाती है।

मुलाकात के बाद डॉ इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि मोहन भागवत इस देश के ‘राष्ट्र-पिता’ और ‘राष्ट्र-ऋषि’ हैं। अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी ने कहा कि मोहन भागवत जी आज मेरे निमंत्रण पर पधारे। उनकी यात्रा से एक अच्छा संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुस्लिम के पूजा करने के तरीके अलग हैं लेकिन हम सब का धर्म मानवता का है। उमर अहमद इलियासी ने मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताया और कहा कि राष्ट्र का स्थान धर्म से ऊपर है।

मोहन भागवत से मुलाकात के दौरान मदरसे के छात्रों ने जय हिंद और वंदे मातरम के नारे भी लगाए। मदरसे में पढ़ाने वाले महमूद हसन ने कहा कि बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में मोहन भागवत से बच्चों की मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने बच्चों से कहा कि वे इस्लामिक विषयों के अलावा कंप्यूटर के बारे में भी जानकारी हासिल करें। इससे उन्हें भविष्य में मदद मिलेगी। कहा जा रहा है कि एक घंटे की विजिट के दौरान मोहन भागवत ने बच्चों से कुरान की आयतें भी सुनीं। हसन ने कहा कि मोहन भागवत ने बच्चों से जनरल नॉलेज के सवाल भी पूछे। उनका इस बात पर जोर था कि बच्चों को इस्लामिक विषयों के साथ ही आधुनिक विषयों के बारे में भी जानकारी दी जाए।

आरसएसस प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने मोहन भागवत के मस्जिद पहुंचने पर कहा कि वह समाज के सभी क्षेत्रों के लोगों से मिलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि संघ की संवाद प्रक्रिया का यह हिस्सा है। बता दें कि संघ से जुड़ा संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच मुसलमानों के बीच काम करता है। इसके मुखिया के तौर पर इंद्रेश कुमार लंबे समय से काम कर रहे हैं।

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